जरूरी मामले सिर्फ सीजेआई के समक्ष पेश हों : शीर्ष कोर्ट

Apr 07, 2026 06:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ‘बेहद जरूरी मामले’ केवल सीजेआई के समक्ष ही प्रस्तुत किए जाने चाहिए। यदि सीजेआई उपलब्ध नहीं हैं, तो सबसे वरिष्ठ जज के सामने ये मामले नहीं रखे जा सकते। 6 अप्रैल के परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे मामलों को किसी दूसरी पीठ के सामने पेश करने की अनुमति नहीं है।

जरूरी मामले सिर्फ सीजेआई के समक्ष पेश हों : शीर्ष कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश में कहा कि ‘बेहद जरूरी मामले’ जिस पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया का इंतजार नहीं कर सकते हैं, का उल्लेख सिर्फ सीजेआई के समक्ष ही किया जाना चाहिए। आम तौर पर सीजेआई के उपलब्ध नहीं होने या किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता करने में व्यस्त होते हैं, तो जरूरी मामलों को सूचीबद्ध करने और सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज के समक्ष उल्लेख किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 6 अप्रैल को जारी एक परिपत्र में कहा गया कि बेहद जरूरी मामलों को पेश करने की अनुमति कोर्ट नंबर 1 के सामने है, ऐसे मामले जो 29 नवंबर, 2025 के सर्कुलर के मुताबिक, जिसमें कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध होने का इंतजार नहीं कर सकते, भले ही सीजेआई किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे हों।

इसमें कहा गया कि ऐसे मामलों को किसी दूसरी पीठ के सामने पेश करने की अनुमति नहीं है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।