Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsSupreme Court Denies Petition to Stop PM Modi from Offering Chadar at Ajmer Sharif Dargah
प्रधानमंत्री के अजमेर शरीफ में चादर चढ़ाने पर रोक नहीं

प्रधानमंत्री के अजमेर शरीफ में चादर चढ़ाने पर रोक नहीं

संक्षेप:

शीर्ष अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह में चादर चढ़ाने से रोकने वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने इसे न्याययोग्य नहीं मानते हुए सुनवाई से इनकार किया। याचिकाकर्ता ने दरगाह को दिए जाने वाले राज्य-प्रायोजित सम्मान को चुनौती दी थी, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने कोई टिप्पणी नहीं की।

Jan 05, 2026 04:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। शीर्ष अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह में पारंपरिक चादर चढ़ाने से रोकने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले को न्याययोग्य नहीं बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष यह याचिका प्रस्तुत की गई। याचिकाकर्ता जितेंद्र सिंह, विष्णु गुप्ता और अन्य की ओर से पेश वकील वरुण सिन्हा ने कहा कि मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की प्रथा देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में शुरू की थी। तब से बिना किसी कानूनी या संवैधानिक आधार के यह जारी है।

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याचिका में दरगाह को दिए जाने वाले राज्य-प्रायोजित औपचारिक सम्मान और प्रतीकात्मक मान्यता को भी चुनौती दी गई थी। कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हैं कि चिश्ती विदेशी आक्रमणों से जुड़े थे और उन्होंने बड़े पैमाने पर भारत में धर्मांतरण कराया। यह भारत की संप्रभुता के विपरीत आचरण है। मुख्य न्यायाधीश ने सिन्हा से कहा कि इस मामले में अदालत कोई टिप्पणी नहीं करेगी, क्योंकि यह मामला न्याय योग्य नहीं है। अधिवक्ता ने इस दौरान बताया कि ट्रायल कोर्ट में एक सिविल सूट भी लंबित है, जिसमें दावा है कि दरगाह एक मंदिर के खंडहर पर बनाई गई। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिका खारिज होने का उस मामले पर कोई असर नहीं होगा।