न्यायिक सेवा में महिला आरक्षण वाली याचिका पर सुनवाई नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवाओं में 50 प्रतिशत पदों पर महिलाओं की नियुक्ति के लिए याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि विधि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन ऐसे मुद्दे न्यायिक क्षेत्र में उठाना उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को न्यायिक सेवाओं में 50 प्रतिशत पदों को भरने तथा विधि अधिकारियों और सरकारी वकीलों के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य महिला उम्मीदवारों पर विचार करने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ऐसी याचिकाएं दायर न करें। मुख्य न्यायाधीश ने तीनों याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन से कहा कि हमें शर्मिंदा न करें और अपने लिए जटिलताएं पैदा न करें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि विधि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और ऐसे बदलाव एक दिन में नहीं होते।
पीठ ने यह भी कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे को न्यायिक क्षेत्र में उठाना उचित नहीं होगा, जब तक कि विशेष तथ्यों और परिस्थितियों में हस्तक्षेप की जरूरत न हो। याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता संबंधित हितधारकों को एक विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


