कर्नाटक के विधायक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आप एक जन प्रतिनिधि हैं, साहस के साथ आगे बढ़ना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के भाजपा विधायक बी.ए. बसवराज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में उन्होंने हत्या के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार करने वाले हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि आप एक जन प्रतिनिधि हैं। आपको साहस के साथ आगे बढ़कर यह कहना चाहिए कि मैं किसी भी तरह की पूछताछ का सामना करने को तैयार हूं। मुख्य न्यायाधीश के साथ पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची भी शामिल थे। बसवराज को 15 जुलाई, 2025 को शिवप्रकाश उर्फ बिकला शिव की हत्या के मामले में बतौर आरोपी नामजद किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका पर सुनवाई करने को लेकर अनिच्छा जताए जाने के बाद बसवराज की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अर्जी वापस लेने की अनुमति मांगी। पीठ ने याचिकाकर्ता को नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। पीठ ने संबंधित अदालत से नियमित जमानत के आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ता का हत्या से कोई संबंध नहीं रोहतगी ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि याचिकाकर्ता का हत्या से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला संपत्ति का विवाद था और ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि बसवराज का इससे कोई संबंध था। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि भूमि हड़पने वालों को आमतौर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



