
खालिद, इमाम की जमानत पर पुलिस को नहीं दिया समय
संक्षेप: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की कथित साजिश के मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और मीरान हैदर की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस को और समय देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि जमानत...
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों की कथित साजिश के सिलसिले में कार्यकर्ताओं उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और मीरान हैदर की जमानत याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस को और समय देने सोमवार को इनकार कर दिया। सुनवाई शुरू होते ही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने दो सप्ताह का समय देने से इनकार कर दिया और कहा कि वह 31 अक्तूबर को मामले की सुनवाई करेगी। पीठ ने कहा कि हम आपको पर्याप्त समय दे चुके हैं।

पिछली बार नोटिस जारी करते समय हमने कहा था कि हम इस मामले की सुनवाई 27 अक्तूबर को करेंगे और इसका निपटारा करेंगे। पीठ ने कहा कि सच कहें तो, जमानत के मामलों में जवाब दाखिल करने का सवाल ही नहीं उठता। खालिद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि याचिकाकर्ता पांच साल से अधिक समय से जेल में हैं। एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि पूरा मामला मुकदमे में देरी का है और सुनवाई में और देरी नहीं होनी चाहिए।

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