Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsSupreme Court Denies Asaram s Bail in Minor Rape Case Orders Fast-Track Hearing
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत रद्द करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत रद्द करने से इनकार किया

संक्षेप:

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट को आदेश दिया कि आसाराम की अपील की सुनवाई अधिकतम तीन माह में पूरी की जाए। पीड़िता की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि जमानत में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

Dec 08, 2025 10:19 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द करने इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट को जल्द से जल्द आसाराम की अपील पर, अधिकतम तीन माह में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में आसाराम को इलाज कराने के लिए दी गई जमानत रद्द करने का कोई उचित कारण नहीं बनता, लेकिन काफी लंबे से समय से मामले का लंबित रहना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। शीर्ष अदालत ने राजस्‍थान हाईकोर्ट द्वारा इसी साल 29 अक्तूबर को आसाराम को इलाज के लिए छह माह की जमानत दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली पीड़िता की याचिका खारिज करते हुए यह फैसला दिया है।

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हाईकोर्ट ने आसाराम को 6 माह के लिए जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने के फैसले में दखल नहीं दे रहे हैं, लेकिन दोषी की ओर से सजा के खिलाफ 2018 में दाखिल अपील का हाईकोर्ट 3 माह में सुनवाई पूरी कर निपटारा करे। इससे पहले, आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि उनके मुवक्किल की स्थिति काफी खराब है और वो वैजिटेटिव स्टेट में है। पीठ को बताया गया कि आसाराम लाचारी की हालत में है, उन्हें शौच और मूत्र विसर्जन में भी सहायता की जरूरत पड़ती है। दूसरी ओर पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने कहा कि आसाराम के बारे में अदालत को जो बताया जा रहा है, वास्तव में स्थिति उसके विपरीत है। उन्होंने इलाज के नाम पर मिली जमानत रद्द करने की मांग की। राजस्थान सरकार ने भी पीड़िता की मांग का समर्थन करते हुए जमानत रद्द करने की मांग की।