
सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी पावर की अपील मंजूर की, गुजरात हाईकोर्ट का आदेश रद्द
कस्टम ड्यूटी की वसूली का आदेश रद्द किया नई दिल्ली,एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने
कस्टम ड्यूटी की वसूली का आदेश रद्द किया नई दिल्ली,एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट के 2019 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें अदाणी पावर लिमिटेड को कस्टम ड्यूटी से राहत देने से इनकार कर दिया गया था। यह मामला स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित पावर प्लांट से उत्पादित बिजली को घरेलू टैरिफ क्षेत्र में सप्लाई करने पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) से जुड़ा है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा कि जब 2015 में हाईकोर्ट ने इस ड्यूटी को अवैध घोषित कर दिया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी उसमें दखल देने से इनकार कर दिया था, तो प्रशासनिक अधिकारियों को उस फैसले का पालन करना चाहिए था।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, न्यायिक फैसले कोई 'सलाह' नहीं होते, बल्कि कानून के बाध्यकारी आदेश होते हैं। बेंच ने कहा कि जब कार्यपालिका किसी हटाए गए टैक्स को नए रूप में वसूलना जारी रखती है, तो यह संवैधानिक अनुशासन का उल्लंघन है और इससे कानून के शासन पर जनता का भरोसा कम होता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2019 में हाईकोर्ट की बेंच को 2015 के फैसले का पालन करना चाहिए था। अगर उन्हें उस पर संदेह था, तो मामला बड़ी बेंच को भेजा जाना चाहिए था। कोर्ट ने केंद्र और कस्टम विभाग को निर्देश दिया है कि 16 सितंबर 2010 से 15 फरवरी 2016 के बीच अडानी पावर द्वारा जमा की गई कस्टम ड्यूटी की राशि को उचित सत्यापन के बाद वापस किया जाए। अदालत ने निर्देश दिया कि इस अवधि के लिए कंपनी के खिलाफ कस्टम ड्यूटी की कोई नई मांग लागू नहीं की जाएगी। अडानी पावर गुजरात के मुंद्रा एसईजेड में लगभग 5200 मेगावाट क्षमता का कोयला आधारित पावर प्लांट चलाती है। कंपनी ने एसईजेड से घरेलू क्षेत्र में बिजली सप्लाई पर लगने वाली ड्यूटी को चुनौती दी थी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




