राजस्थान: चंबल अभयारण्य में 100 घड़ियाल शावकों का जन्म
राजस्थान के धौलपुर में राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के पलाघाट क्षेत्र में घड़ियाल संरक्षण में बड़ी सफलता मिली है। चार घोंसलों से लगभग 100 घड़ियाल शावक निकले हैं। वन विभाग ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अधिकारियों के अनुसार, अन्य घोंसलों से भी शावक निकलने की संभावना है और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है।

जयपुर, एजेंसी। राजस्थान के धौलपुर स्थित राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के पलाघाट क्षेत्र में घड़ियाल संरक्षण प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। यहां चार घोंसलों से लगभग 100 घड़ियाल शावक निकले हैं, जिसे वन विभाग ने गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति के संरक्षण में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। वन अधिकारियों के अनुसार, पलाघाट और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 22–25 घोंसलों में 500 से 600 अंडे दिए गए थे। करीब दो महीने बाद मई के अंतिम सप्ताह से शावकों का निकलना शुरू हुआ। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य घोंसलों से और भी शावक निकलने की संभावना है।
शावकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। संवेदनशील स्थलों पर नियमित गश्त, निरीक्षण और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है। कई स्थानों पर मानव गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है और घोंसला क्षेत्रों के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के उप वन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि 27.25 लाख रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक घड़ियाल पालन केंद्र भी विकसित किया जा रहा है, जिससे संरक्षण प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि चंबल अभयारण्य में वयस्क घड़ियालों की संख्या वर्तमान में 130 से अधिक है।


