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प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनएचएआई ने कसी कमर, एआई कैमरों से बिना पीयूसीसी वाले वाहनों पर रखी जाएगी नजर

प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनएचएआई ने कसी कमर, एआई कैमरों से बिना पीयूसीसी वाले वाहनों पर रखी जाएगी नजर

संक्षेप:

नई दिल्ली में बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) वाले वाहनों के चालान काटे जाएंगे। एनएचएआई ने एआई आधारित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक का इस्तेमाल किया है। यह तकनीक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और अन्य हाईवे पर लागू होगी। इससे बिना पीयूसीसी वाले वाहनों की पहचान और चालान किया जाएगा।

Jan 03, 2026 07:23 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) वाले वाहन एक्सप्रेसवे और हाईवे से लेकर निकले तो चालान कटेगा। प्रदूषण नियंत्रण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इसके लिए तकनीक का सहारा लेगा। एआई युक्त आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे की मदद से रियल टाइम में हाईवे और एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहनों के पीयूसीसी स्टेट्स की ‘वाहन डाटाबेस’ से जांच की जाएगी। जिन वाहनो के पीयूसीसी नहीं होंगे, उनका रिकॉर्ड चालान के लिए पुलिस को भेजा जाएगा। एनएचएआई ने इसका प्रयोग गुरुग्राम में किया है। अब इसे चरणबद्ध तरीके से राजधानी के हाईवे पर भी लागू किया जाएगा।

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राजधानी में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-नौ, दिल्ली-देहरादून हाईवे, द्वारका एस्क्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे समेत सभी मार्गों पर इस तकनीक के जरिये बिना पीयूसीसी के चल रहे वाहनों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि रोज लाखों वाहन एक्सप्रेसवे और हाईवे से गुजरते हैं। इस तकनीक से हर वाहन को स्कैन किया जा सकता है। यानी कोई भी वाहन बच नहीं पाएगा। जो वाहन पीयूसीसी के बिना एनएचएआई के मार्ग पर उतरेगा, वह निश्चित रूप से पकड़ा जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लोगों को नियमित रूप से वाहन की जांच करानी चाहिए। जिनका वाहन प्रदूषणकारी है, उन्हें खामी दूर करानी चाहिए। प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए बिना पीयूसीसी वाहन दौड़ाने वालों पर कार्रवाई जरूरी है। इसलिए यह प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों को भी चिह्नित किया जाएगा जो धुआं छोड़ते हुए जाते हैं।