कुक, प्लंबर, पेंटर और स्टॉक ट्रेडर तक बना आतंकी अब्दुल्ला
श्रीनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। आतंकवादी अब्दुल्ला, जो 16 साल से फरार था, विभिन्न पेशों में काम करके आम लोगों में घुल-मिल गया था। उसे गिरफ्तार किया गया है और उसके नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।

श्रीनगर/नई दिल्ली, एजेंसी। श्रीनगर पुलिस द्वारा एक अंतरराज्यीय लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद जांच के दौरान हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा आम लोगों में घुलने-मिलने के लिए अलग-अलग पेशे अपनाता रहा। वह कुक से लेकर प्लंबर, पेंटर से लेकर इलेक्ट्रिशियन तक बना। अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए शेयर ट्रेडिंग को भी अपना पेशा बना लिया था। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अब्दुल्ला लश्कर का सबसे पुराना सक्रिय आतंकी था और 16 साल तक फरार रहने के बाद पकड़ा गया। पूछताछ में उसने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत देश के कई हिस्सों में रहने के दौरान अपनाए गए कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
श्रीनगर पुलिस ने इसी महीने लश्कर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए अब्दुल्ला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उससे संभावित नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान से प्लंबिंग का बेसिक ज्ञान लेकर आया अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में 2010 में घुसपैठ करने के बाद राजस्थान में छोटे-मोटे काम करने लगा। बाद में वह उमर हैरिश उर्फ ‘खरगोश’ के संपर्कों में आया। उमर हैरिश के जरिए उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए, ताकि ग्राहकों से डिजिटल भुगतान ले सके। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर गांव का रहने वाला अब्दुल्ला पंजाबी भाषा जानता था। उसने अमृतसर में बसने का विचार किया, लेकिन पकड़े जाने के डर से ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसने राजस्थान और हरियाणा में पेंटर और इलेक्ट्रिशियन का काम किया और फिर पंजाब के मलेरकोटला में जाकर रहने लगा, जहां वह आसानी से पंजाबी बोल सकता था। वहां उसने कुछ समय के लिए एक ढाबा भी खोला। हालांकि ढाबा ज्यादा लाभदायक नहीं रहा और उसने उसे बंद कर दिया।इसी दौरान उसने यूट्यूब के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग सीख ली। गिरफ्तारी के समय उसके डिमैट खाते में 50,000 रुपये से अधिक का मुनाफा था और वह दूसरों को निवेश के टिप्स भी दे रहा था। यह कार्रवाई छह महीने पहले फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े व्हाइट-कालर आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद हुई। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और हैरिस के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में आने-जाने की जानकारी दी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


