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खेल : बैडमिंटन - चोट से वापसी पर सिंधु के सामने कड़ी चुनौती

बैडमिंटन एशिया : टीम चैंपियनशिप का आगाज आज से, पुरुष टीम की नजर तीसरे

खेल : बैडमिंटन - चोट से वापसी पर सिंधु के सामने कड़ी चुनौती
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीMon, 12 Feb 2024 06:15 PM
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बैडमिंटन एशिया :
टीम चैंपियनशिप का आगाज आज से, पुरुष टीम की नजर तीसरे पदक पर, महिलाओं को खाता खोलने का इंतजार

चोट से वापसी पर सिंधु के सामने कड़ी चुनौती

पुरुष वर्ग

ग्रुप ए : चीन, भारत, हांगकांग

ग्रुप बी : मलेशिया, चीनी ताइपे, कजाखस्तान, ब्रुनेई

ग्रुप सी : जापान, सिंगापुर, थाईलैंड, म्यांमा

ग्रुप डी : इंडोनेशिया, कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब

महिला वर्ग

ग्रुप डब्ल्यू : चीन, भारत

ग्रुप एक्स : इंडोनेशिया, हांगकांग, कजाखस्तान

ग्रुप वाई : थाईलैंड, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात

ग्रुप जेड : जापान, चीनी ताइपे, सिंगापुर

भारतीय टीमें

पुरुष : एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत, चिराग सेन, सात्विकसाईराज रांकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, ध्रुव कपिला, एमआर अर्जुन, सूरज गोआला और प्रुथ्वी रॉय।

महिला : पीवी सिंधु, अनमोल खरब, तन्वी शर्मा, अस्मिता चालिहा, त्रीसा जॉली, गायत्री गोपीचंद, अश्विनी पोनप्पा, तनीषा क्रैस्टो, प्रिया देवी कोंजेंगबम और श्रुति मिश्रा।

शाह आलम (मलेशिया), एजेंसी। एशियाई बैडमिंटन का साल का पहला प्रतिष्ठित टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू हो रहा है। इसमें थॉमस कप चैंपियन भारत अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बदौलत बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप (बीएटीसी) का खिताब जीतने की कोशिश करेगा। इसमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु की चोट से वापसी भी होगी। लेकिन उनके सामने लय हासिल करने की कड़ी चुनौती होगी।

सिंधु जहां महिला टीम का नेतृत्व करेंगी, वहीं एचएस प्रणय पुरुष टीम की कमान संभालेंगे। भारत ने दोनों टीमों के लिए दस-दस खिलाड़ियों का चयन किया है।

फाइनल पर नजर : भारतीय पुरुष टीम ने 2022 में थॉमस कप जीता और पिछले साल के एशियाई खेलों में पहला रजत हासिल किया। टीम की कोशिश इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचने की होगी जिसमें उसने 2016 और 2018 में कांस्य पदक जीता था। अब उसकी नजर तीसरे पदक से साथ ही पदक का रंग बदलने पर भी होगी।

पुरुष टीम को लीग मैच में मजबूत चीन और हांगकांग का सामना करना होगा जिससे यह उसके लिए इतना आसान नहीं होगा। प्रणय की अगुआई में भारत लक्ष्य सेन तथा सात्विकसाईराज और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी के साथ शीर्ष दो में जगह बनाकर नॉकआउट चरण में जगह बनाने की कोशिश करेगा।

हांगकांग की पुरुष टीम में दुनिया के 18वें और दुनिया के 22वें नंबर के दो मजबूत खिलाड़ी हैं लेकिन उनके पास अच्छी युगल जोड़ी नहीं है जिससे भारत का सफर आसान होने की उम्मीद है।

आसान नहीं महिला टीम का सफर : अपने पहले पदक की तलाश में महिला टीम को सिंधु के नेतृत्व में अपने ग्रुप ‘डब्ल्यू में सिर्फ चीन से भिड़ना है जो ग्रुप की दूसरी टीम है। इससे भारत ने नॉकआउट में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया है। लेकिन टीम के लिए बाकी सफर आसान नहीं होगा।

सिंधु पिछले साल अक्तूबर से खेल से बाहर हैं जिससे वह अपनी मैच फिटनेस देखना चाहेंगी और जीत की लय के साथ आत्मविश्वास हासिल करना चाहेंगी। इस 28 वर्षीय खिलाड़ी को फ्रेंच ओपन में घुटने में चोट लगी थी।

यह महाद्वीपीय टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इससे ‘रेस टूर द 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए महत्वपूर्ण क्वालीफिकेशन अंक मिलेंगे।

पहला मुकाबला कल : भारत बुधवार से अभियान की शुरुआत करेगा। पुरुष टीम का सामना हांगकांग से होगा जबकि सिंधु एंड कंपनी की भिड़ंत चीन से होगी। इसमें ओलंपिक चैंपियन चेन यु फेई नहीं होंगी। लेकिन दुनिया की आठवें नंबर की खिलाड़ी हान युए, दुनिया की नौंवे नंबर की वांग झि यि और दुनिया की 15वें नंबर की झांग यि मान भारत की चालिहा और खरब के लिए ज्यादा मजबूत साबित होंगी।

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