सत्ता और पद तभी सार्थक हैं जब वे सेवा और करुणा से जुड़े हों:विजेंद्र गुप्ता

Feb 08, 2026 07:10 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता सत्ता और पद तभी सार्थक हैं जब वे सेवा

सत्ता और पद तभी सार्थक हैं जब वे सेवा और करुणा से जुड़े हों:विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता सत्ता और पद तभी सार्थक हैं जब वे सेवा और करुणा से जुड़े हों। इस पंचकल्याणक महामहोत्सव का साक्षी होना केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक शांति का मार्ग है। उक्त बातें दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को जैन तीर्थ वीरोदय, निर्माण विहार, दिल्ली में प्रथम विश्वकर्मा तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य आयोजित एक विशाल आध्यात्मिक सभा को संबोधित करते हुए कहीं। प्रथम तीर्थंकर की आध्यात्मिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) ने ही विश्व को सभ्यता, श्रम और कर्तव्य का पहला पाठ पढ़ाया था।

आज इस प्राण प्रतिष्ठा के माध्यम से हम उन शाश्वत मूल्यों को अपने जीवन में पुनर्जीवित कर रहे हैं। जैन समाज ने अपनी सादगी और अहिंसा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।