चोट पर स्प्रे छिड़कते ही तुरंत रुक जाएगा खून
दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने विकसित किया स्प्रे-ऑन पाउडर यह एक सेकंड से भी

दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने विकसित किया स्प्रे-ऑन पाउडर यह एक सेकंड से भी कम समय में नरम और लचीले जेल में बदलता है यह न केवल घाव को ढकता है, बल्कि खून की कोशिकाओं को तेजी से आपस में चिपकाता है सियोल, एजेंसी। अब स्प्रे छिड़कते ही घाव से खून निकलना तुरंत बंद हो जाएगा। दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्प्रे तैयार किया है, जो चिकित्सा जगत (खासकर इमरजेंसी सेवाओं) के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। हादसों में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण अत्यधिक खून बहना होता है। अक्सर अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज के शरीर से इतना खून निकल जाता है कि उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
चोट लगने के शुरुआती कुछ मिनट में जान बचाने के लिए कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने यह अनोखा स्प्रे-ऑन पाउडर विकसित किया है। यह एक हाई-टेक ‘हेमोस्टेटिक एजेंट’ है। जैसे ही यह पाउडर खून के संपर्क में आता है, यह एक सेकंड से भी कम समय में एक नरम और लचीले जेल में बदल जाता है। यह जेल घाव के आकार में खुद को ढाल लेता है। चाहे घाव कितना भी गहरा, टेढ़ा-मेढ़ा या ऐसी जगह पर हो जहां पट्टी बांधना मुश्किल हो, यह उसे पूरी तरह सील कर देता है। यह न केवल घाव को ढकता है, बल्कि खून की कोशिकाओं को तेजी से आपस में चिपका देता है, जिससे प्राकृतिक रूप से थक्का जमने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इस स्प्रे को बनाने में इस्तेमाल की गई सभी सामग्री प्रकृति से ली गई हैं, जैसे - समुद्री शैवाल : यह जेल बनाने में मदद करता है। बैक्टीरियल फर्मेंटेशन : यह मिश्रण को गाढ़ा और प्रभावी बनाता है। कीड़ों और झींगों के खोल : यह खून की कोशिकाओं को अपनी ओर खींचकर उन्हें चिपका देता है। यह जेल अपने वजन से सात गुना ज्यादा खून सोखने की क्षमता रखता है। परंपरागत पट्टियां या जाली अक्सर भारी ब्लीडिंग को रोकने में नाकाम रहती हैं। इसे कमरे के तापमान पर दो साल तक स्टोर किया जा सकता है। यह अधिक गर्मी या नमी वाले इलाकों में भी खराब नहीं होता। यह घाव में संक्रमण फैलने से रोकता है और ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचाता। बॉक्स - जल्द बनेगा ‘फर्स्ट एड बॉक्स’ का हिस्सा वैज्ञानिकों के मुताबिक, उन्होंने इस रिसर्च की शुरुआत एक सैनिक की जान बचाने के मिशन के साथ की थी। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही यह स्प्रे एम्बुलेंस, युद्ध के मैदान और यहां तक कि आम घरों के ‘फर्स्ट एड बॉक्स’ का हिस्सा बनेगा। फिलहाल यह तकनीक विकास के अंतिम चरणों में है। हालांकि, इसकी उपलब्धता की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि यह स्प्रे आने वाले समय में दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बचाने का एक सस्ता और आसान जरिया बनेगा।
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