
खेल : फिरकी पर भारी पड़ा सेनुरन का सैकड़ा
दूसरा टेस्ट, दूसरा दिन : यानसेन सात रन से शतक चूके, दक्षिण अफ्रीका ने
दूसरा टेस्ट, दूसरा दिन : यानसेन सात रन से शतक चूके, दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाए, कुलदीप ने चार जबकि बुमराह, सिराज और जडेजा ने दो-दो विकेट लिए फिरकी पर भारी पड़ा सेनुरन का सैकड़ा 109 रन सेनुरन ने 206 गेंद पर 10 चौके और दो छक्के की मदद से बनाए 93 रन की पारी यानसेन ने 91 गेंद पर छह चौकों और सात छक्कों से खेली 97 रन की साझेदारी आठवें विकेट के लिए सेनुरन और यानसेन ने निभाई कुछ रिकॉर्ड -सेनुरन और वेरेने की 88 रन की साझेदारी 236 गेंदों तक चली और यह सातवें विकेट या उससे कम के लिए दक्षिण अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी साझेदारी है।
-सेनुरन पिछले 15 साल में टेस्ट में शतक लगाने वाले सिर्फ तीसरे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज हैं। उनके अलावा 2019 में डीन अल्गर (160) और क्विंटन डिकॉक (111) ने सैकड़ा लगाया था। -भारत ने विपक्षी टीम की पहली पारी में 489 रन से ज्यादा बनने के बाद सिर्फ एक बार टेस्ट जीता है। एडिलेड में 2003 में ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी में 556 रन का विशाल स्कोर बनाने के बाद भी भारतीय टीम चार विकेट से जीती थी। इसमें मैन ऑफ द मैच रहे राहुल द्रविड़ ने यादगार 233 रन की पारी खेली थी। गुवाहाटी, एजेंसी। सेनुरन मुथुसामी ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया जबकि मार्को यानसेन केवल सात रन से यह उपलब्धि हासिल करने से चूक गए। पर इन दोनों की शानदार पारियों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने भारत के खिलाफ दूसरे एवं अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन पहली पारी में 489 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बेहतरीन पारियां : रविवार को मुथुसामी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 206 गेंद पर 109 रन बनाए जिसमें 10 चौके और दो छक्के शामिल हैं। दूसरी ओर, यानसेन ने भारतीय स्पिनरों को निशाने पर रखकर 91 गेंद पर छह चौकों और सात छक्कों की मदद से 93 रन की तूफानी पारी खेली। इसके अलावा इन दोनों ने आठवें विकेट के लिए 97 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका का बड़ा स्कोर सुनिश्चित किया। भारत ने इसके जवाब में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में 6.1 ओवर में बिना किसी नुकसान के नौ रन बना लिए थे। यशस्वी जायसवाल (नाबाद सात) और केएल राहुल (नाबाद दो) ने दिन के आखिर में मौका मिलने पर किसी तरह का जोखिम उठाना उचित नहीं समझा। हालांकि पिच अब भी सपाट है और इस पर भारतीय बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की उम्मीद की जा सकती है। गेंदबाजों पर भारी पड़े : दक्षिण अफ्रीका ने सुबह अपनी पारी छह विकेट पर 247 रन से आगे बढ़ाई और मुथुसामी की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी। भारत को पहले दो सत्र में एकमात्र सफलता काइल वेरेने (45) के रूप में मिली जिन्हें रवींद्र जडेजा ने स्टंप आउट कराया। लेकिन उससे पहले उन्होंने दो घंटे तक टिककर अपना काम पूरा कर दिया था। मुथुसामी और वेरेने ने सातवें विकेट के लिए 88 रन की साझेदारी की। भारतीय गेंदबाजों में केवल जसप्रीत बुमराह ही कुछ प्रभावशाली दिखे लेकिन बाद में वह भी थके हुए नजर आए। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और तीनों स्पिनर दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों के सामने बेअसर दिखे। आक्रामक रहे यानसेन : मुथुसामी सुबह के सत्र में सतर्क नजर आए। उन्होंने तब बीच-बीच में चौके लगाए लेकिन यानसेन के आने के बाद वह भी आक्रामक हो गए जिससे भारतीय गेंदबाजों की मुश्किल बढ़ गई। मुथुसामी ने कुलदीप यादव पर छक्का जड़कर अपनी रन संख्या 90 रन के पार पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने इसी गेंदबाज पर चौका लगाया और फिर सिराज की गेंद पर दो रन लेकर पहला टेस्ट शतक पूरा किया। मुथुसामी का हाल में प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नाबाद 89 रन बनाकर अपनी टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही नहीं, टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 46 से अधिक है। रिकॉर्ड के लिए बता दें कि यह उनका 10वां प्रथम श्रेणी शतक है और इससे पहले उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 5000 से अधिक रन बनाए थे। डीआरएस से बचा विकेट : जब जडेजा की गेंद पर उन्हें पगबाधा आउट करार दिया गया तो उन्होंने डीआरएस लेकर अपना विकेट बचा लिया क्योंकि टीवी रिप्ले में दिख रहा था कि गेंद उनके दस्तानों को छूकर गई थी। मुथुसामी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। मुथुसामी का विकेट आखिर में सिराज को मिला। गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर हवा में लहरा गई जहां जायसवाल ने उसे कैच में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की। यानसेन ने हालांकि गेंदबाजों पर अपना दबदबा बनाए रखा। विशेषकर कुलदीप उनके निशाने पर थे लेकिन आखिर में इसी स्पिनर ने उन्हें बोल्ड करके केवल सात रन से पहले टेस्ट शतक से वंचित कर दिया। कुलदीप भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 115 रन देकर चार विकेट लिए। बुमराह, सिराज और जडेजा ने दो-दो विकेट हासिल किया जबकि वाशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी को एक भी विकेट नहीं मिला। मेरे लिए सचमुच यह एक खास पल : सेनुरन मुथुसामी गुवाहाटी। भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को शतक बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज सेनुरन मुथुसामी ने कहा कि यह उनके लिए सचमुच यह एक खास पल है। दिन के खेल के बाद मुथुसामी ने कहा, इतने दर्शकों के सामने यह सच में एक खास पल था। मुझे खुशी है कि मैं टीम में योगदान दे सका और पहली पारी में कुछ रन बना सका, जो हमेशा जरूरी होता है। स्कोल्सी (वेरेन) ने आज सच में बहुत अच्छा किया और मार्को स्पेशल था। यानसेन के लंबे छक्कों पर मुथुसामी ने हैरानी जताते हुए कहा, यह अवश्विसनीय था। वह स्पेशल था। स्पेशल बॉल स्ट्राइकिंग। यह उसकी तरफ से शानदार था। यह बहुत बढ़िया था। यह पूछने पर कि क्या पिच खराब होगी, मुथसामी ने कहा, इंतजार करते हैं और देखते हैं कि क्या होता है।

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