class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झपटमारी को गंभीर अपराध की श्रेणी में डालने पर सरकार करे विचार,सजा हो सख्त:हाईकोर्ट

delhi high court

राजधानी में झपटमारी की वारदातों में बेतहाशा वृद्धि के मद्देनजर मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। इसमें हरियाणा की तर्ज पर झपटमारी को दिल्ली में भी गंभीर अपराध की श्रेणी में रखने की मांग की गई। सजा के प्रावधान को भी सख्त करने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। हाईकोर्ट ने इस बाबत दिल्ली सरकार को झपटमारी में सख्त सजा के प्रावधान पर विचार करने को कहा है।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल एवं जस्टिस सी हरीशंकर की पीठ ने अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा द्वारा दायर याचिका पर ‘आप सरकार, दिल्ली पुलिस एवं निगम निकायों से जवाब मांगा है। पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर तय की है। सभी प्रतिवादियों को दस दिन के भीतर पक्ष रखने को कहा है।

‘हिन्दुस्तान की प्रति हाईकोर्ट में पेश की

अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा ने झपटमारी के बढ़ते अपराध पर रोकथाम की मांग वाली याचिका के साथ ‘हिन्दुस्तान में बीते 30 अक्तूबर को छपी खबर की प्रति भी पेश की है। इसमें झपटमारी के अपराध में हरियाणा के सख्त कानून को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी। साथ ही पीड़िताओं की आपबीती भी शामिल की गई थी।

413 फीसदी झपटमारी बढ़ी 

जनहित याचिका में कहा गया है कि राजधानी में हर साल झपटमारी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि इस वर्ष यह बढ़ोत्तरी 413 फीसदी रही है। प्रतिदिन 25 से 30 मोबाइल व इसके अलावा चैन व पर्स की झपटमारी हो रही हैं। इससे दिल्ली वाले परेशान हैं। कई वारदातें तो विदेशी पर्यटकों व राजदूतों के साथ भी हुई हैं।

संगठित अपराध की श्रेणी में लाया जाए

जनहित याचिका में कहा गया है कि जिस तरह से हथियार लेकर झपटमारी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। यह अपराध हत्या व अन्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसे मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध रोकथाम अधिनियम) के तहत लाया जाए। पांच से ज्यादा घटनाएं पाए जाने पर आरोपी पर मकोका लगाया जाए। दरअसल, कई ऐसे मामले में जिनमें झपटमारी में 70 से अधिक वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपी पकड़े गए हैं।

छिनैती को रोकने लिए हरियाणा का कानून

  • 379(ए): जबरन व बलपूर्वक किसी व्यक्ति या महिला से उसके सामान को छीनकर भागना व छीनकर भागने का प्रयास करना लूट की अवधारणा के तहत आता है। इस अपराध के साबित होने की स्थिति में कम से कम पांच वर्ष की सजा एवं अधिकतम दस वर्ष की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है।
  • 379(बी): जबरन एवं बलपूर्वक किसी व्यक्ति या महिला से उसके सामान को झपटना लूट के अपराध के तहत आता है। इस झपटमारी के दौरान पीड़ित के जख्मी होने पर यह और गंभीर माना जाता है। इस धारा के तहत आरोप साबित होने पर कम से कम दस वर्ष की सजा एवं अधिकतम 14 साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा अभियुक्त पर 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:snatching
मेट्रो स्टेशन पर महिला पत्रकार से छेड़छाड़स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्जीय हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार