Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsSlowdown in New Orders Causes Indian Manufacturing Growth Rate to Drop to 38-Month Low
कारखानों की उत्पादन वृद्धि दर 38 माह के निचले स्तर पर

कारखानों की उत्पादन वृद्धि दर 38 माह के निचले स्तर पर

संक्षेप:

मुंबई में नये ऑर्डरों में कमी के चलते कारखाना क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर दिसंबर में 38 महीने के निचले स्तर पर आ गई। एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, पीएमआई 55 पर पहुँच गया है। रोजगार की वृद्धि लगातार 22वें महीने हो रही है, लेकिन इसकी दर सबसे कम रही। कंपनियों की गतिविधियों में सुस्ती बनी हुई है।

Jan 02, 2026 05:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुंबई, एजेंसी। नये ऑर्डरों में सुस्ती से कारखाना क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर माह-दर-माह आधार पर दिसंबर में घटकर 38 महीने के निचले स्तर पर आ गई। एसएंडपी ग्लोबल द्वारा शुक्रवार को जारी एचएसबीसी भारतीय विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) रिपोर्ट में यह बात कही गई है। भारतीय कारखाना क्षेत्र का पीएमआई दिसंबर में घटकर 55 रह गया। यह दो साल से ज्यादा समय में इस क्षेत्र की गतिविधियों में सबसे सुस्त वृद्धि है। नवंबर में पीएमआई 56.6 रहा था। पीएमआई का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में वृद्धि को और इससे कम रहना गिरावट को दर्शाता है। रिपेर्ट के मुताबिक रोजगार लगातार 22वें महीने बढ़ा है, लेकिन रोजगार सृजन की दर 22 महीने के निचले स्तर पर रही।

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नये ऑर्डरों की वृद्धि दर दिसंबर 2023 के बाद सबसे कम दर्ज की गई। ऑर्डरों में सुस्त वृद्धि का असर कंपनियों के कच्चे माल की मांग पर भी दिखा और इसमें वृद्धि दो साल के निचले स्तर पर रही। खरीद प्रबंधकों ने साल 2026 में 2025 की तुलना में उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद जताईई है। हालांकि कुल मिलाकर उनकी उम्मीद का स्तर साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर दर्ज किया गया। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमक्सि एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा, वृद्धि की रफ्तार कम पड़ने के बावजूद भारतीय उद्योगों का प्रदर्शन 2025 में अच्छा रहा। हम वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में प्रवेश कर रहे हैं और ऐसे में नये कारोबार में तेज वृद्धि के कारण कंपनियों के व्यस्त रहने की उम्मीद है। मुद्रास्फीति का दबाव कम रहने से मांग ऊंची बनी रहेगी।