सिंगापुर में गर्मी से राहत दे रहा 19वीं सदी का नुस्खा
सिंगापुर में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। इसे कम करने के लिए 19वीं सदी की 'डिस्ट्रिक्ट कूलिंग' तकनीक अपनाई जा रही है, जिसमें जमीन के नीचे पाइपों के माध्यम से ठंडा पानी भेजा जाता है। यह एसी की तुलना में 30-50% बिजली बचाता है। सिंगापुर ने इसे 8 इलाकों में लागू किया है, जिसमें मरीना बे का नेटवर्क सबसे बड़ा है।

सिंगापुर, एजेंसी। सिंगापुर में गर्मी दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले दोगुनी तेजी से बढ़ रही है। इससे बचने के लिए 19वीं सदी का पुराना तरीका अपनाया है, जिसे ‘डिस्ट्रिक्ट कूलिंग’ कहते हैं। इस तकनीक में जमीन के नीचे मेटल (धातु) के पाइपों का एक बड़ा जाल बिछाया जाता है। इन पाइपों के जरिये पूरी कॉलोनी या इलाके की इमारतों में ठंडा पानी भेजा जाता है, जिससे इमारतें ठंडी रहती हैं। यह तरीका 1889 में अमेरिका के डेनवर शहर में इस्तेमाल हुआ था। यह आम एसी के मुकाबले 30 से 50 फीसदी तक बिजली बचाता है। सिंगापुर के लिए यह जरूरी है क्योंकि उसे पूरी बिजली और ऊर्जा बाहर के देशों से खरीदनी पड़ती है।सिंगापुर
अब तक अपने 8 इलाकों में इसे शुरू कर चुका है, जिसमें मरीना बे का नेटवर्क सबसे बड़ा है। हालांकि, इसमें पानी ज्यादा खर्च होता है, जिससे इंटरनेट चलाने वाले डाटा सेंटर और इस सिस्टम के बीच पानी के लिए होड़ मच सकती है।
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