गैर-सिक्किमी पुरुषों के बच्चों को अधिकार वाली याचिका खारिज
हाईकोर्ट ने बाहर के पुरुषों से शादी करने वाली सिक्किम की महिलाओं की संतान के संपत्ति अधिकारों पर लगी पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।

गंगटोक, एजेंसी। सिक्किम हाईकोर्ट ने राज्य के बाहर के पुरुषों से शादी करने वाली सिक्किम की महिलाओं की संतान के संपत्ति अधिकारों और पहचान प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने बीते सप्ताह अपने आदेश में कहा कि अनुच्छेद 371एफ के तहत सिक्किम की विशेष संवैधानिक स्थिति, राज्य पर लागू होने वाले विलय-पूर्व के सभी कानूनों की सुरक्षा करती रहेगी। पुनर्विचार याचिका में राज्य सरकार द्वारा 2018 में जारी एक अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। इस अधिसूचना में सिक्किम के बाहर के पुरुषों से शादी करने वाली सिक्किमी महिलाओं के बच्चों को अपनी मां की संपत्ति विरासत में पाने या पहचान पत्र प्राप्त करने पर पाबंदी रहेगी।
हालांकि, वे आवासीय प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। लिंग भेदभाव के मुद्दे पर, पीठ ने कहा कि समानता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन ऐतिहासिक और कानूनी कारकों के आधार पर उचित वर्गीकरण की अनुमति है।
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