Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsShocking Study Reveals Sound Pollution May Decrease Hearing Ability in Future Children
 आपकी सेहत एवं कार्य क्षमता बिगाड़ रहा ध्वनि प्रदूषण

आपकी सेहत एवं कार्य क्षमता बिगाड़ रहा ध्वनि प्रदूषण

संक्षेप:

-केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य -ध्वनि प्रदूषण के चलते अगले 50 वर्षों में जन्म लेने वाले बच्चों में सुनने की क्षमता घटती जाएगीनई दिल्ली प्रमुख...

Nov 21, 2025 08:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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-केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य -ध्वनि प्रदूषण के चलते अगले 50 वर्षों में जन्म लेने वाले बच्चों में सुनने की क्षमता घटती जाएगी नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता भारत में न केवल वायु प्रदूषण बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी लोगों को बीमार कर रहा है। इससे न केवल लोगों की सेहत बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। लंबी अवधि तक ध्वनि प्रदूषण में रहने वाले लोगों के सुनने की क्षमता कम हो रही है। इससे नींद प्रभावित होना, तनाव, उच्च रक्तचाप और दिल से संबंधित बीमारी भी हो रही हैं। ध्वनि प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित हाइवे के पास रहने वाले लोग हैं।

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केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रो. मनोरंजन परिदा ने बताया कि उनके मुख्य वैज्ञानिक प्रो. मनोरंजन ने बताया कि सीआरआरआई द्वारा किए गए अध्ययन से पता चला है कि शहरी इलाकों में यातायात के द्वारा मचाए जाने वाला शोर लोगों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा असर डाल रहा है। इससे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। लंबे समय तक ध्वनि प्रदूषण से नींद प्रभावित होना, तनाव होना, उच्च रक्तचाप और दिल का दौरा भी पड़ सकता है।खासतौर से हाइवे किनारे रहने वाले लोगों को इससे ज्यादा खतरा है जहां लगभग 24 घंटे वाहन चलते हैं। ऐसे वाहनों से न केवल इंजन को शोर होता है बल्कि वह हॉर्न बजाकर भी शोर करते हैं। इस अध्ययन में बताया गया है कि न केवल सड़कों पर चलने वाली गाड़ी बल्कि रेलगाड़ी, हवाई जहाज, लाउड स्पीकर आदि भी ध्वनि प्रदूषण कर रहे हैं। रात के समय यह शोर नींद के साथ लोगों के हार्मोन भी प्रभावित करते हैं। ध्वनि प्रदूषण से लोगों का रक्तचाप बढ़ता है जिससे स्ट्रोक का खतरा होता है। इससे स्ट्रेस हार्मोंस पैदा होते हैं जिससे दिल का दौरा आ सकता है।अध्ययन में पाया गया है कि अधिक समय तक अगर कोई दंपत्ति ध्वनि प्रदूषण में रहता है तो उनके सुनने की क्षमता प्रभावित होगी और इसका असर उनके होने वाले बच्चे में भी देखने को मिल सकता है। ऐसे बच्चे के सुनने की क्षमता जन्म से ही कम हो सकती है। आबादी वाले क्षेत्र में हाइवे पर लगे ध्वनि रोधक बैरियर डा. नसीम ने ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए हाइवे पर ऐसी जगह ध्वनि रोधक बैरियर लगाने की सलाह दी है जहां अधिक लोग रहते हैं। महिपालपुर से द्वारका एक्सप्रेसवे की तरफ लगभग 4 किलोमीटर में ऐसे बैरियर लगाए भी गए हैं। उन्होंने बताया कि एक किलोमीटर क्षेत्र में ऐसे बैरियर लगाने का खर्च लगभग 5 करोड़ रुपये आता है और यह 20 साल की अवधि तक कारगर होते हैं।उन्होंने बताया कि अगर इस एक किलोमीटर में 1000 लोग रहते हैं तो उन पर ध्वनि बैरियर का खर्च प्रतिदिन लगभग 5600 रुपये आता है। वहीं अगर ध्वनि बैरियर नहीं लगा है तो इसी जगह रहने वाले 1000 लोगों पर प्रतिदिन स्वास्थ्य पर खर्च लगभग 1.56 लाख रुपये आता है। अध्ययन में दिए गए सुझाव बड़े हाइवे के पास तीन से पांच मीटर के ध्वनि रोधक बैरियर लगाए जाने चाहिए संवेदनशील जगह जैसे स्कूल, अस्पताल आदि में नो हांकिंग जोन बनाए जाने चाहिए वायु प्रदूषण की तरह सरकार को ध्वनि प्रदूषण मापने के यंत्र भी लगाने चाहिए लोगों को ध्वनि प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में जागरूक करना चाहिए लोगों को रात के समय घर की खिड़की बंद रखनी चाहिए जुर्माने का भी दिया गया प्रस्ताव डा. नसीम अख्तर ने अपने अध्ययन के आधार पर सरकार को ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मानक से पांच डेसिमल अधिक आवाज करने पर 250 रुपये का जुर्माना होना चाहिए। वहीं 6 से 10 डेसिमल पर 500 रुपये, 11 से 15 डेसिमल अधिक होने पर 1000 रुपये, 16 से 20 डेसिमल अधिक होने पर 2000 रुपये, 21 से 30 डेसिमल अधिक आवाज पर 2500 रुपये और 30 डेसिमल से अधिक आवाज पर 3000 रुपये का चालान होना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण को लेकर सीआरआरआई में सेमिनार सीआरआरआई द्वारा वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर शुक्रवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें उनके निदेशक प्रो. मनोरंजन परिदा के अलावा दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रो. राजीव शर्मा, बनारस आईआईटी के प्रो. ब्रिंद कुमार ने ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख कारण एवं उनके असर को लेकर तथ्य सामने रखे। 50 हर्ट्ज होती है आपस में सामान्य बातचीत के दौरान आवाज 250 हर्ट्ज होता है गाड़ी के इंजन का शोर 2-10 हजार हर्ट्ज होता है गाड़ी द्वारा हॉर्न बजाने से शोर 182 फ्लाईओवर ऐसे हैं दिल्ली में जहां होता है अधिक ध्वनि प्रदूषण 45 डेसिमल अधिकत्तम ध्वनि होनी चाहिए रात के समय 75 डेसिमल अधिकत्तम ध्वनि होनी चाहिए दिन के समय