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कांग्रेस बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार करे: शिवसेना (यूबीटी)

कांग्रेस बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार करे: शिवसेना (यूबीटी)

संक्षेप:

शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि कांग्रेस का मुंबई नगर निगम चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने का निर्णय विपक्षी एकता के लिए नुकसानदायक है। शिवसेना ने भाजपा की मुंबई को अलग करने की योजना को विफल करने के लिए संयुक्त चुनाव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मुस्लिम और हिंदी भाषी मतदाताओं का समर्थन बना रहेगा।

Nov 18, 2025 05:52 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुंबई, एजेंसी। शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को कहा कि मुंबई नगर निगम के आगामी चुनाव में कांग्रेस द्वारा अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा विपक्षी एकता के लिए हानिकारक है। शिवसेना (यूबीटी) ने मुंबई को अलग करने की भाजपा की योजना को विफल करने के लिए एक संयुक्त चुनाव के महत्व पर बल दिया। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में सहयोगी कांग्रेस की इस चिंता को कम करके आंका गया है कि अगर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को शिवसेना, एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस के विपक्षी गुट में शामिल कर लिया जाता है, तो उसके उत्तर भारतीय और मुस्लिम मतदाता आधार में संभावित सेंध लग सकती है।

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कांग्रेस ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस का मानना है कि अगर शिवसेना और मनसे एक साथ आती हैं, तो इससे हिंदी भाषी लोगों और मुस्लिम समुदाय के बीच उसकी संभावनाओं को नुकसान होगा। लेकिन बिहार में न तो राज ठाकरे और न ही शिवसेना (यूबीटी) मौजूद थी, फिर भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। मुस्लिम समुदाय ने लोकसभा और राज्य विधानसभा दोनों चुनावों में महा विकास आघाडी (एमवीए) का समर्थन किया था। संपादकीय में कहा गया है कि उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान धर्मों के बीच भेदभाव नहीं किया और शिवसेना (यूबीटी) को विश्वास है कि मुस्लिम वोट एमवीए के साथ रहेंगे। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा, कांग्रेस को मुसलमानों और उत्तर भारतीयों की चिंता नहीं करनी चाहिए, वे एमवीए का समर्थन करते रहेंगे। शिवसेना (यूबीटी) ने आगे कहा कि अगर कांग्रेस सोचती है कि स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने से उसे हिंदी भाषी और मुस्लिमों के 100 प्रतिशत वोट मिल जाएंगे, तो ऐसा नहीं होगा। संपादकीय में अपनी सहयोगी पार्टी पर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है, कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने घोषणा की है कि वह मुंबई नगर निगम का चुनाव अकेले लड़ेगी। बिहार के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी में जो आत्मविश्वास जगा है, वह काबिले तारीफ है। कांग्रेस एक स्वतंत्र पार्टी है। भाजपा पर मुंबई को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए संपादकीय में कहा गया है कि मुंबई न केवल महाराष्ट्र की राजधानी है, बल्कि देश की आर्थिक राजधानी भी है। इसमें दावा किया गया है कि भाजपा प्रायोजित बिल्डर लॉबी मुंबई के प्रभाव को कम करने के लिए काम कर रही है।