हिमाचल : रोहड़ू ड्रग केस में छह लोग गिरफ्तार
शिमला पुलिस ने मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर को नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा शिमला जिला स्थित चिरगांव

शिमला पुलिस ने मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर को नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा शिमला जिला स्थित चिरगांव क्षेत्र के रहने वाले हैं सभी आरोपी शिमला, एजेंसी। शिमला पुलिस ने रोहड़ू में हेरोइन (चिट्टा) तस्करी रैकेट के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर विजेंद्र सिंह मेहता को इंडो-नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया। शिमला के एडिशनल एसपी अभिषेक ने शनिवार को यह जानकारी दी। एएसपी ने कहा कि जिला पुलिस ड्रग तस्करों की चेन को खत्म करने के लिए काम कर रही है। दो फरवरी को पंजाब के दो निवासियों जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह को रोहड़ू में मेहंदली ब्रिज के पास 83 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था।
उनके खिलाफ रोहड़ू थाने में केस दर्ज कर तस्करों के नेटवर्क की तलाश शुरू की गई। उनकी गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने डिजिटल सबूतों की डिटेल में जांच की और सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए आरोपियों के बैंक खातों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान नेटवर्क में कई और लोगों के शामिल होने का पता चला। सुराग पर कार्रवाई करते हुए रोहड़ू पुलिस ने 10 फरवरी को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों की पहचान चिरगांव के खशधार निवासी 24 वर्षीय आशीष चौहान व 39 वर्षीय दीवान चंद तथा चिरगांव के गोकसवारी निवासी 31 वर्षीय नवीन शिट्टा के रूप में हुई। तीनों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जशनदीप सिंह शिमला जिले के अलग-अलग हिस्सों, खासकर रोहड़ू और चिरगांव में हेरोइन सप्लाई कर रहा था। चिरगांव इलाके में उसके मुख्य साथी और एक बड़े डिस्ट्रीब्यूटर की पहचान विजेंद्र सिंह मेहता के रूप में हुई, जिसे छोटू के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, विजेंद्र जशनदीप सिंह से हेरोइन खरीदता था और साथियों की मदद से उसे स्थानीय स्तर पर बांटता था, जिससे युवा ड्रग्स की लत में फंस जाते थे। जशनदीप सिंह एक फरवरी को पंजाब के मोगा से रोहड़ू में करीब 120 ग्राम हेरोइन लाया था। इस कंसाइनमेंट में से करीब 37 ग्राम विजेंदर मेहता को सप्लाई किया गया था, जो चिरगांव इलाके में मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम कर रहा था। गिरफ्तारी से बचने को 35 वर्षीय विजेंद्र सिंह मेहता ने इलाके से भागकर नेपाल में शरण ले ली। 13 फरवरी को रोहड़ू पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस और नेपाल पुलिस के साथ एक जॉइंट ऑपरेशन किया और 48 घंटे के अंदर उसे भारत-नेपाल बॉर्डर पर बनबसा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू शिमला जिले की चिरगांव तहसील के सुंधा भोंडा गांव निवासी पदम सैन का बेटा है। पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से ही तीन केस दर्ज हैं। एक केस 27 जुलाई, 2018 को एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 21 के तहत शिमला जिले के चिरगांव पुलिस थाने में दर्ज किया गया था।
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