यूएनएससी को चुनौती दे सकता है जी20: शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जी20 का प्रभाव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रमुखता को चुनौती दे सकता है। जी20 आज की वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों का सही प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का अस्तित्व बना रहेगा, लेकिन जी20 वैश्विक सहयोग का प्रमुख मंच बनता जा रहा है।

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि समय के साथ जी20 का प्रभाव इतना बढ़ सकता है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रमुखता को चुनौती दे। उनका कहना है कि जी20 आज की वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों का अधिक सटीक प्रतिनिधित्व करता है, जबकि यूएनएसी 1945 की भू-राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाता है। रायसीना डायलॉग के एक सत्र में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का अस्तित्व बना रहेगा, भले ही वह 1945 की कल्पना के अनुरूप न हो। उन्होंने कहा कि वैश्विक सहयोग के कई नए मंच उभर रहे हैं, जिनमें जी20 सबसे प्रमुख है।
संयुक्त राष्ट्र की तरह यह किसी चार्टर से बंधा नहीं है, इसलिए सदस्य देश अपने नियम स्वयं तय कर सकते हैं। इसमें दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ यूरोपियन यूनियन और अफ्रीकन यूनियन भी शामिल हैं। इसके अलावा नए सदस्यों को शामिल करने पर भी कोई औपचारिक प्रतिबंध नहीं है।
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