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नई दिल्लीदोबारा आरटीपीसीआर जांच न करने पर जवाब मांगा

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:00 PM
दोबारा आरटीपीसीआर जांच न करने पर जवाब मांगा

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

कोरोना से संक्रमित होने के बाद मरीज की दोबारा से आरटीपीसीआर जांच नहीं किए जाने के भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के परामर्श के खिलाफ दाखिल याचिका पर उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में मरीज की दोबारा आरटीपीसीआर जांच नहीं कराने के आईसीएमआर के परामर्श को चुनौती दी गई है।

मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने सरकार के अलावा आईसीएमआर को भी नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। पीठ ने एक अधिवक्ता की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया है। अधिवक्ता ने पीठ को बताया कि वह और उनके परिजन की 28 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। उसके बाद 17 दिनों से ज्यादा समय तक पृथकवास में रहने के बावजूद दोबारा जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में पता किया तो पता चला है कि चार मई को आईसीएमआर ने एक बार संक्रमित हो गए व्यक्ति की दोबारा आरटीपीसीआर जांच नहीं करने का परामर्श जारी किया है। उन्होंने याचिका में कहा कि आईसीएमआर द्वारा 4 मई को जारी परामर्श मनमाना, भेदभावपूर्ण और विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है क्योंकि केंद्र और दिल्ली सरकार और आईसीएमआर द्वारा जारी कई अन्य अधिसूचनाओं के जरिए कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट को अनिवार्य किया गया है। याचिका में आईसीएमआर के परामर्श को रद्द करने की मांग की गई है।

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