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छत्तीसगढ़ को प्रतिदिन 29 हजार 500 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति करेगा एसईसीएल

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:40 PM
छत्तीसगढ़ को प्रतिदिन 29 हजार 500 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति करेगा एसईसीएल

रायपुर। एजेंसी

छत्तीसगढ़ के ताप विद्युत संयंत्रों के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) प्रतिदिन 29 हजार 500 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति करेगा।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के ताप विद्युत संयंत्रों के लिए एसईसीएल द्वारा प्रतिदिन 29 हजार 500 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति की जाएगी। एसईसीएल के सीएमडी ने इसके लिए सहमति दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को राज्य के ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति और उपलब्धता की स्थितियों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान एसईसीएल के सीएमडी अंबिका प्रसाद पांडा कहा कि छत्तीसगढ़ के खदानों से कोयला निकालकर विभिन्न राज्यों को कोयले की आपूर्ति की जाती है। क्योंकि, छत्तीसगढ़ से कोयले का उत्पादन किया जा रहा है इसलिए एसईसीएल द्वारा प्राथमिकता के आधार पर राज्य के ताप विद्युत संयंत्रों को उनकी आवश्यकता के अनुसार अच्छी गुणवत्ता के कोयले की आपूर्ति की जानी चाहिए। वर्तमान में एसईसीएल द्वारा छत्तीसगढ़ को 23 हजार 290 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति की जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि रेलवे को छत्तीसगढ़ को कोयले और चावल के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में डिब्बे उपलब्ध कराने चाहिए। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कुमार ने इसके लिए सहमति दी। राज्य विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष और विशेष सचिव (ऊर्जा) अंकित आनंद ने कहा कि वर्तमान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पूर्व में तीन से चार दिन तक के लिए कोयले का भंडार है। इसी तरह हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम में तीन दिन तक के लिए तथा मड़वा ताप विद्युत संयंत्र में सात दिनों तक के लिए कोयला उपलब्ध है।

विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित होगी

आनंद ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, पांच दिनों की आवश्यकता से कम कोयले की उपलब्धता को गंभीर स्थिति माना जाता है। अब कोयले की आपूर्ति बढ़ने से छत्तीसगढ़ के ताप विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में राज्य की बिजली की औसत मांग 3803 मेगावाट है। इसके विरुद्ध बिजली की उपलब्धता 3810 मेगावाट है। राज्य में व्यस्त समय में विद्युत की औसत मांग 4123 मेगावाट है, जबकि बिजली कंपनी द्वारा 4123 मेगावाट बिजली की औसत उपलब्धता बनाई रखी जा रही है। व्यस्त समय में आवश्यकतानुसार 200 से 400 मेगावाट विद्युत क्रय लगातार किया जा रहा है।

एनटीपीसी की लारा इकाई आज से हो सकती है शुरू

उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनटीपीसी की लारा (400 मेगावाट) और सीपत इकाई (104 मेगावाट) तथा एनएसपीएल संयंत्र (25 मेगावाट) वार्षिक रखरखाव के कारण बंद हैं। इस कारण कुल 529 मेगावाट बिजली कम प्राप्त हो रही है। एनटीपीसी की लारा इकाई के 12 अक्तूबर से फिर से शुरू होने की संभावना है। एनटीपीसी सीपत संयंत्र 21 अक्तूबर तक शुरू होने की संभावना है।

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