Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsScientists Develop Sustainable Water System for Space Exploration
अंतरिक्ष में वॉटर प्यूरीफायर से बनाया जाएगा शुद्ध पानी

अंतरिक्ष में वॉटर प्यूरीफायर से बनाया जाएगा शुद्ध पानी

संक्षेप:

वैज्ञानिक न्यूयॉर्क में 'सस्टेनेबल वॉटर सिस्टम' पर काम कर रहे हैं, जिससे मंगल ग्रह या चांद पर रहने में मदद मिलेगी। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पेशाब और नमी को साफ करके पानी बनाया जाता है। भविष्य में नैनोटेक्नोलॉजी और फोटोकैटलिसिस का इस्तेमाल होगा, जिससे पानी की बर्बादी रोकी जा सकेगी।

Feb 10, 2026 12:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

- वैज्ञानिक ‘सस्टेनेबल वॉटर सिस्टम’ के जरिए यह प्रयोग कर रहे हैं न्यूयॉर्क, एजेंसी। अगर इंसान मंगल ग्रह या चांद पर रहना चाहता है, तो वहां पृथ्वी से पानी ले जाना बहुत महंगा पड़ेगा, इसलिए वैज्ञानिकों का फोकस ‘सस्टेनेबल वॉटर सिस्टम’ पर है। सब होगा रीसायकल : अभी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर यूरिन (पेशाब) और नमी को साफ करके पानी बनाया जाता है। भविष्य में इसे और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि पानी की एक बूंद भी बर्बाद न हो। पानी को साफ करने के लिए ‘नैनोटेक्नोलॉजी’ और ‘फोटोकैटलिसिस’ (रोशनी से सफाई) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा। इससे पानी साफ करने में बिजली कम खर्च होगी और सफाई ज्यादा बेहतर होगी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

एआई इस दौरान पूरे सिस्टम की खुद देखरेख करेगा, ताकि किसी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके और अंतरिक्ष यात्रियों को हमेशा सुरक्षित पानी मिलता रहे। ग्रहों पर पानी की खोज : चांद और मंगल की सतह पर जमी बर्फ को पिघलाकर पानी निकालने के लिए खास ड्रिलिंग मशीनों और रोबोट का इस्तेमाल करने की योजना है। यह सिस्टम न केवल अंतरिक्ष में रहने का रास्ता खोलेगा, बल्कि धरती पर भी पानी की कमी वाले इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकता है।