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रूस ने रोकी फिनलैंड को बिजली आपूर्ति

माना जा रहा है कि नाटो में फिनलैंड के शामिल होने की तैयारी के चलते रूस ने ये कदम उठाया...

रूस ने रोकी फिनलैंड को बिजली आपूर्ति
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 14 May 2022 06:10 PM

मॉस्को, एजेंसी।

रूस की सबसे बड़ी बिजली आपूर्ति कंपनी आरएओ नॉर्डिक ने शनिवार से फिनलैंड को आयात की जाने वाली विद्युत आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके पीछे कंपनी ने बकाया भुगतान न करने को कारण बताया। रूसी कंपनी ने दावा किया कि बिजली भुगतान को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर ये प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि माना जा रहा है कि नाटो में फिनलैंड के शामिल होने की तैयारी के चलते रूस ने ये कदम उठाया है।

फिनलैंड ने की पुष्टि

फिनलैंड के ग्रिड ऑपरेटर फिंगरिड ने एक बयान में कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजे से बिजली की सप्लाई रोक दी जाएगी। ऑपरेटर ने कहा कि स्वीडन से बिजली आयात और घरेलू उत्पादन से रूसी बिजली कटौती को पूरा किया जा सकता है। फिनलैंड ने कहा कि रूस के इस कदम का उसपर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

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फिनलैंड ने नहीं किया भुगतान

रूसी कंपनी आरएओ नॉर्डिक का कहना है कि वो लंबे समय से फिनलैंड को बिजली का आयात कर रहा है और फिनलैंड भी उसे सही समय पर आयातित बिजली का भुगतान करता आ रहा है, लेकिन छह मई के बाद उसने कोई भुगतान नहीं किया है, जिस कारण उन्हें ये कदम उठाना पड़ रहा है। फिनलैंड पर अंधेरे में डूबने का खतरा ऐसे समय पर मंडरा रहा है जब देश पहले से मॉस्को की तरफ से गैस सप्लाई में कटौती की तैयारी कर रहा है। आरएओ नॉर्डिक ने एक बयान में कहा कि यह एक असाधारण परिस्थिति है और हमारे 20 साल के व्यापारिक इतिहास में पहली बार हुई है।

फिनलैंड कर रहा उत्पादन क्षमता में सुधार

फिनलैंड के ग्रिड ऑपरेटर फिंगरिड ने कहा कि रूस से वो कुल खपत का 10 फीसदी हिस्सा ही आयात कर रहा है। बिजली उत्पादन के मामले में हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार सुधार कर रहे हैं। पवन ऊर्जा के क्षेत्र में हर साल हमारी उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं। इस साल फिनलैंड में अकेले 2000 मेगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन होने की उम्मीद है। दावा किया गया कि 2023 तक विद्युत क्षेत्र में आयरलैंड पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएगा।

एक कारण ये भी

फिनलैंड, नाटो में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। इसको लेकर रूस पहले ही कड़ी चेतावनी जारी कर चुका है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने साफ कर दिया है कि फिनलैंड के नाटो में शामिल होने के फैसले को रूस एक 'खतरे' के रूप में देखता है। रूस के साथ लंबी भू-सीमा साझा करने वाला फिनलैंड अगर नाटो में शामिल होता है तो रूस के साथ नाटो की सीमा दोगुनी हो जाएगी। फिनलैंड के पीएम और राष्ट्रपति ने कहा था कि नॉर्डिक देश को सोवियत संघ का मुकाबला करने के लिए अब पश्चिमी गठबंधन की सदस्यता बिना देरी किए ले लेनी चाहिए। माना जा रहा है कि फिनलैंड के इसी फैसले से रूस खफा है और उसने फिनलैंड को बिजली देने से मना कर दिया है।

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