रुपया 95.80 के सर्वकालिक निचले स्तर तक टूटा
रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.80 पर पहुंच गया। हालांकि, अंत में यह 95.67 प्रति डॉलर पर रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। अर्थशास्त्रियों ने विकास दर के अनुमान घटा दिए हैं।

मुंबई, एजेंसी। रुपया बुधवार को कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.80 पर पहुंच गया। हालांकि मामूली सुधार के साथ अंत में 95.67 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप एवं सोने के आयात पर शुल्क बढ़ाए जाने से रुपये का निचले स्तर पर समर्थन मिला। रुपया इस साल एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है और इसमें अब तक छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। महंगा कच्चा तेल, मजबूत अमेरिकी डॉलर और पश्चिम एशिया संकट को लेकर बढ़ती चिंताएं इसकी मुख्य वजह हैं。
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.52 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें काफी उतार-चढ़ाव रहा और यह एक समय 95.80 प्रति डॉलर तक गिर गया। अंत में रुपया 95.67 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद स्तर से एक पैसा अधिक है। रुपया मंगलवार को 40 पैसे टूटकर 95.68 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिसका भारत की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इससे विदेशी व्यापार प्रभावित हो रहा है। अर्थशास्त्रियों ने देश की विकास दर के अनुमान घटा दिए हैं और महंगाई के अनुमान बढ़ा दिए हैं। जानकारों का कहना है कि रुपए पर दबाव कुछ समय और बना रह सकता है। जानकारों ने बताया, तेल की कीमतों में भारी गिरावट या फिर विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो में वापसी रुपए की इस लगातार गिरावट को रोकने के लिए जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


