
सेना की रुद्र ब्रिगेड ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार
संक्षेप: भारतीय सेना की नई 'रुद्र ब्रिगेड' ने जैसलमेर में 'अखंड प्रहार' युद्धाभ्यास के दौरान सभी परिचालन मानकों को पूरा किया है। जनरल दिराज सेठ ने इसकी पुष्टि की। यह ब्रिगेड अब 'कोल्ड स्ट्राइक सिद्धांत' के तहत भविष्य के संयुक्त अभियानों के लिए पूरी तरह से तैयार है। रुद्र ब्रिगेड का गठन 2023 में हुआ था।
- 'अखंड प्रहार' युद्धाभ्यास के दौरान सभी मानकों पर खरी उतरी सेना की नई ब्रिगेड - बहु आयामी अभियानों को अंजाम देने के लिए किया गया है रुद्र ब्रिगेड का गठन जैसलमेर, एजेंसी। भारतीय सेना की नई ब्रिगेड 'रुद्र ब्रिगेड' अब ऑपरेशन को अंजाम देने के लिएतैयार है। राजस्थान के जैसलमेर में चल रहे भारतीय सेना के 'अखंड प्रहार' युद्धाभ्यास में रुद्र ब्रिग्रेड ने सभी परिचालन मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दिराज सेठ ने बुधवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभ्यास में ब्रिगेड की परिचालन क्षमताओं का सत्यापन किया गया और इसने पूरी तत्परता से इसे साबित किया।

अब यह ब्रिगेड भविष्य के संयुक्त अभियानों में अपनी भूमिका लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि रुद्र ब्रिगेड के गठन के साथ ही अब 'कोल्ड स्ट्राइक सिद्धांत' को अपनाने का समय आ गया है। पहले 'कोल्ड स्टार्ट' सिद्धांत चलता था, जिसमें सेना पहले लामबंद होती थी और फिर ऑपरेशनल क्षेत्र में तैयारी करती थी, लेकिन 'कोल्ड स्ट्राइक' सिद्धांत में सेना हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार रहती है। इसमें रुद्र ब्रिगेड की भूमिका बेहद अहम है। - क्यों खास है रुद्र बिग्रेड यह भारतीय सेना की एक बहु-आयामी युद्ध इकाई है, जिसकी स्थापना 2023 में की गई थी। यह पारंपरिक ब्रिगेडों से अलग थल, वायु और साइबर क्षमताओं का समन्वय करने वाली एकीकृत बिग्रेड है। इसका उद्देश्य तकनीक-आधारित और निर्णायक युद्ध में सेना की तत्परता को बढ़ाना है।

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