संघ के बदलाव भाजपा के मिशन विकसित भारत 2047 को भी देंगे गति
संघ के बदलाव भाजपा के मिशन विकसित भारत 2047 को भी देंगे गति----------------------------तीन स्तरीय व्यवस्था में प्रांत प्रचारक होगा समाप्त, राज्य प्रचारक की तैयारी-नई पीढी के लिए नई तकनीक व सोशल मीडिया...
संघ के बदलाव भाजपा के मिशन विकसित भारत 2047 को भी देंगे गति--------------------------- -तीन स्तरीय व्यवस्था में प्रांत प्रचारक होगा समाप्त, राज्य प्रचारक की तैयारी -नई पीढी के लिए नई तकनीक व सोशल मीडिया का बढ़ेगा दायरा -------------------------- नईदिल्ली। विशेष संवाददाता देश में 21 वीं सदी में आ रहे सामाजिक व राजनीतिक बदलावों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अब अपने संगठनात्कम ढांचे में बदलाव की तैयारी में है। संघ सौ साल का हो चुका है और वह नई स्थितियों में खुद का विस्तार कर रहा है। भाजपा व केंद्र की मोदी सरकार के विजन व मिशन विकिसत भारत 2047 में भी संघ का यह बदलाव महत्वपूर्ण होगा, जिसमें वह ज्यादा बेहतर तरीके से अपने संगठन के साथ राष्ट्र निर्माण के नए पथ पर सहयोग कर सके।
सौ साल के हो चुके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस) अब नई पीढ़ी को साथ चलने, उसे जोड़ने, उस पर व्यापक व मजबूत पकड़ बनाने के लिए कई बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। इनमें सबसे अहम है संगठनात्मक ढांचे को नया स्वरूप देना। अब अब त्रिस्तरीय व्यवस्था होगी, जिसमें केंद्र, राज्य व संभाग केंद्र में होंगे। अब तक पूरा देश क्षेत्र 11 में बंटा था जो अब 9 क्षेत्र तक सीमित रह जाएगा। संघ की भावी व्यवस्था में क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटेगी, प्रांत व्यवस्था समाप्त होकर राज्य प्रचारक का नया पद बनाया जा सकता है। साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों के क्षेत्रीय ढांचे में भी परिवर्तन होगा। अब संभागीय प्रचारक का नया पद बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर दो से एक क्षेत्र किया जाएगा। अब तक दोनों में दो अलग अलग क्षेत्र प्रचारक होते थे। राजस्थान को अलग क्षेत्र नहीं रखा जाएगा बल्कि नए व्यवस्था में राजस्थान को उत्तरी क्षेत्र में मिलाया जाएगा। अब देश के हरेक राज्य में एक प्रचारक होंगा,जिन्हें राज्य प्रचारक कहा जाएगा। संभाग स्तर पर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था शुरू होगी। राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था होगी। संभागीय प्रचारक के नीचे की व्यवस्था पहले के तरह ही जारी रहेगी। संभाग प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक व्यवस्था पूर्ववत चलता रहेगी। दरअसल संघ का यह बदलाव अचानक नहीं हो रहा है, बल्कि उससे उसकी लंबी सामाजिक व राजनीतिक रणनीति जुड़ी है, जिसके साथ उसने जनसंघ को खड़ा किया था। जनसंघ व भाजपा 75 साल पूरे करने जा रहा है। संघ का सामाजिक व भाजपा का राजनीतिक मिशन अब देश की दशा व दिशा तय करने में निर्णायक है। ऐसे में 21 वीं सदी की नई पीढ़ी के साथ और नए संचार युग के साथ बढ़ने के लिए यह बदलाव किए जाने हैं। -----------------------------

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