जनसंख्या नियंत्रण और यूसीसी के लिए जनसहयोग जरूरी : भागवत

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मैसूरु में कहा कि जनसंख्या नियंत्रण नीतियों और समान नागरिक संहिता के सफल कार्यान्वयन के लिए जनसहयोग और दीर्घकालिक सोच आवश्यक है। उन्होंने जाति आधारित राजनीति के समाप्ति के लिए समाज को जातिगत पहचान से ऊपर उठने का आग्रह किया और शिक्षा पर जोर दिया।

जनसंख्या नियंत्रण और यूसीसी के लिए जनसहयोग जरूरी : भागवत

मैसूरु, एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि जनसंख्या नियंत्रण नीतियों और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के क्रियान्वयन के लिए जनसहयोग तथा दीर्घकालिक सोच आवश्यक है। कर्नाटक के मैसूरु में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि जाति आधारित राजनीति तभी समाप्त होगी जब समाज स्वयं जातिगत पहचान से ऊपर उठेगा। उन्होंने विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच सौहार्द पर जोर दिया और लोगों से नारेबाजी के बजाय आचरण के माध्यम से सामाजिक जीवन में समानता अपनाने का आग्रह किया। भागवत ने कहा कि समाज जाति को याद रखता है, इसलिए राजनेता उसका लाभ उठाते हैं।

उनका उद्देश्य वोट प्राप्त करना होता है। यदि उन्हें काम के आधार पर वोट नहीं मिलते, तो वे जाति के आधार पर वोट हासिल करेंगे। जनसंख्या नियंत्रण विधेयक और समान नागरिक संहिता से जुड़े एक सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि आरएसएस सरकार नहीं, बल्कि एक सामाजिक संगठन है। उन्होंने कहा कि कोई भी नीति और कानून तभी सफल हो सकते हैं जब उसे जनता का सहयोग मिले। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि पहले लोगों को शिक्षित करना जरूरी है। आपातकाल के दौरान अपनाए गए जनसंख्या नियंत्रण उपायों का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि आक्रामक तरीके से लागू की गई नीतियों के कारण जनता में असंतोष पैदा हुआ था और राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली थी।

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