रेलवे में सिग्नल टेक्नीशियन की नौकरी छोड़ रहे, बोर्ड ने मांगा फीडबैक
-रेलवे बोर्ड ने डिवीजनों से कहा है कि वे कर्मचारियों से बात करें -लगभग

नई दिल्ली,एजेंसी। भारतीय रेलवे में सिग्नल और टेलीकॉम टेक्नीशियनों के बीच नौकरी छोड़ने का मामला तेजी से बढ़ रहा है। इसको देखते हुए रेलवे बोर्ड ने देशभर के कर्मचारियों से उनके काम से जुड़ी परेशानियों पर फीडबैक मांगा है।रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और डिवीजनों से कहा है कि वे अपने-अपने कर्मचारियों से बात करें और उनकी रोजमर्रा की दिक्कतों की जानकारी जुटाकर भेजें, ताकि हालात को समझकर सुधार के कदम उठाए जा सकें। रेलवे सिग्नल और टेलीकॉम मेंटेनर्स यूनियन के अनुसार, नए भर्ती हुए लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारी कुछ ही महीनों में नौकरी छोड़ देते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण बढ़ता काम का दबाव और मानसिक तनाव बताया गया है।यूनियन
के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा कि सिग्नल फेल होने की स्थिति में काम बहुत कठिन और जोखिम भरा हो जाता है। ऊपर से कर्मचारियों की कमी के कारण टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर और सीनियर सेक्शन इंजीनियरों पर ज्यादा बोझ पड़ता है।टेक्नीशियनों का कहना है कि उनकी सैलरी उनके काम के जोखिम के हिसाब से कम है, जिससे नए कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। इसके अलावा उन्हें 24 घंटे काम करना पड़ता है और त्योहारों पर भी छुट्टी मुश्किल से मिलती है।उन्होंने यह भी मांग की है कि आने वाले 8वें वेतन आयोग में उनके काम के जोखिम और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर वेतन और भत्ते तय किए जाएं।
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