हत्या की ज्यादातर वारदातों में नाबालिगों हो रहे शामिल
दिल्ली में 15 दिनों में 14 हत्याएं, इनमें 17 नाबालिगों की संलिप्तता का खुलासा

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी दिल्ली में हत्या की बढ़ती वारदातों में नाबालिगों की संलिप्तता पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। बीते 15 दिनों में शहर में 14 हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें 17 नाबालिगों की भूमिका सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला है कि इन वारदातों के पीछे अलग-अलग कारण रहे हैं। कहीं वित्तीय विवाद तो कहीं लूटपाट के इरादे से हत्या की गई, जबकि कई मामलों में मामूली झगड़े ने जानलेवा रूप ले लिया। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, कुछ हत्याएं लूट या झपटमारी का विरोध करने पर की गईं। एक मामले में नाबालिगों ने कथित तौर पर अपने से बड़े अपराधियों द्वारा जबरन वसूली या चोरी के लिए मजबूर किए जाने के बाद बदले की भावना से हत्या को अंजाम दिया।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं में कोई एक समान पैटर्न नहीं दिखता। कई वारदातें पूर्व नियोजित साजिश के बजाय गुस्से और आवेग में की गईं। 15 दिसंबर को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या की घटना को छोड़ दें तो बाकी सभी मामलों में धारदार हथियार, खासकर चाकू का इस्तेमाल हुआ। पुलिस मानती है कि चाकू आसानी से उपलब्ध होने और बिना संदेह खरीदे जाने के कारण इसका अधिक प्रयोग हुआ। पीड़ितों में ऑटो चालक, दिहाड़ी मजदूर, छात्र और एक मंदिर के पुजारी की पत्नी तक शामिल हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि नाबालिग केवल मौके पर मौजूद नहीं थे, बल्कि उन्होंने हमलों में सक्रिय भूमिका निभाई। जांच में धारदार हथियारों की आसान उपलब्धता, निगरानी की कमी, नशे की आदत और हिंसक माहौल को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




