पानी वाली बैटरी चलेगी 300 साल
लिथियम-आयन बैटरी के मुकाबले 10 गुना ज्यादा टिकाऊ है वैज्ञानिकों के अनुसार, बैटरी 1,20,000

लिथियम-आयन बैटरी के मुकाबले 10 गुना ज्यादा टिकाऊ है वैज्ञानिकों के अनुसार, बैटरी 1,20,000 बार चार्ज की जा सकती है
एक्वियस बैटरी का विकास
बीजिंग, एजेंसी। चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘एक्वियस (वॉटर) बैटरी’ विकसित की है, जो 24वीं सदी तक यानी लगभग 300 साल तक चल सकती है।
बैटरी की विशेषताएँ
यह तकनीक आज की सबसे आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियों के मुकाबले 10 गुना ज्यादा टिकाऊ है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कोई जहरीला पदार्थ नहीं होता, जिससे इसे खराब होने के बाद पर्यावरण में सुरक्षित रूप से फेंका जा सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बैटरी 1,20,000 बार चार्ज की जा सकती है। अगर इसे रोज एक बार चार्ज किया जाए, तो भी यह करीब तीन सदियों तक काम करेगी।
इलेक्ट्रोलाइट की सुरक्षा
इसमें इस्तेमाल होने वाला घोल (इलेक्ट्रोलाइट) इतना सुरक्षित है कि वैज्ञानिकों ने इसकी तुलना टोफू के पानी से की है। यह न तो ज्वलनशील है और न ही इससे धमाके का कोई खतरा है। वैज्ञानिकों ने इसमें कार्बनिक अणुओं का इस्तेमाल किया है, जो मधुमक्खी के छत्ते जैसी मजबूत संरचना बनाते हैं।
महत्वपूर्ण खोज
यह खोज बिजली ग्रिड और बड़े एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए अहम साबित हो सकती है। जहां मोबाइल और लैपटॉप की बैटरियां कुछ ही सालों में दम तोड़ देती हैं, वहीं यह वॉटर बैटरी रखरखाव के खर्च को कम करेगी और ई-कचरे को खत्म कर सकती है।
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