दावा : डिजिटल ट्विन से अब सटीक होगी सर्जरी
अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विकसित की खास तकनीक शिकागो, एजेंसी। आने वाले समय

अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विकसित की खास तकनीक शिकागो, एजेंसी। आने वाले समय में डिजिटल ट्विन की मदद से सर्जरी को और भी सटीक बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में अमेरिका स्थित नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन डाइजेस्टिव हेल्थ इंस्टीट्यूट के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खास तकनीक विकसित की है।क्या है डिजिटल ट्विन : डॉक्टर आपकी सर्जरी करने से पहले कंप्यूटर पर आपके शरीर की बिल्कुल सटीक नकल (क्लोन) तैयार करते हैं और उस पर अलग-अलग ऑपरेशन करके देखते हैं कि कौन सा तरीका आपके लिए सबसे सुरक्षित होगा। विशेषज्ञों ने इस तकनीक का उपयोग भोजन की नली से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए शुरू किया है।कैसे
करती है काम : डिजिटल ट्विन किसी इंसान के अंगों का एक वर्चुअल या डिजिटल मॉडल होता है। इसमें मरीज के शरीर का डाटा, जैसे अंगों की बनावट, मांसपेशियों की गति और इलेक्ट्रिकल सिग्नल डाले जाते हैं। इससे कंप्यूटर पर मरीज के अंग का एक ऐसा ‘जुड़वां’ तैयार हो जाता है, जो बिल्कुल असली अंग की तरह व्यवहार करता है। डॉक्टर इस डिजिटल मॉडल पर लाखों बार नकली ऑपरेशन कर सकते हैं, ताकि यह पता चल सके कि असल सर्जरी के दौरान मरीज का शरीर कैसा रिस्पॉन्स देगा।सफल हुए परीक्षण : अब 400 लोगों पर एक क्लीनिकल परीक्षण शुरू किया गया है, ताकि यह साबित हो सके कि डिजिटल ट्विन द्वारा सुझाई गई सर्जरी पारंपरिक तरीके से बेहतर है। विशेषज्ञों का मानना है कि हर मरीज का शरीर अलग होता है। डिजिटल ट्विन की मदद से व्यक्ति के लिए खास दवा और सर्जरी का तरीका चुना जा सकेगा।नई दवाओं या सर्जरी तकनीकों को जानवरों पर टेस्ट करने के बजाय सीधे डिजिटल मॉडल पर परखा जा सकेगा, जो ज्यादा सटीक और नैतिक होगा। इस तकनीक का विस्तार दिल की धड़कनों को समझने या ब्लैडर (मूत्राशय) की समस्याओं को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है।भविष्य की उम्मीद : आने वाले समय में, यह तकनीक डॉक्टरों को किसी बीमारी के लक्षण दिखने से महीनों पहले ही यह बताने में सक्षम होगी कि मरीज भविष्य में किस तरह की समस्याओं का सामना कर सकता है। यह न केवल इलाज की लागत को कम करेगी, बल्कि मानवीय गलतियों को भी लगभग खत्म कर देगी।बॉक्स - 1इससे होने वाले फायदेसटीक और व्यक्तिगत इलाज: डिजिटल मॉडल की मदद से हर मरीज के लिए सबसे उपयुक्त दवा या सर्जरी चुनी जा सकेगी।सर्जरी से पहले रिस्क का पता चलना: वर्चुअल सर्जरी से संभावित कॉम्प्लिकेशन पहले ही पहचाने जा सकेंगे।जानवरों पर टेस्टिंग की ज़रूरत नहीं: इलाज या दवाओं को सीधे डिजिटल क्लोन पर आज़माया जा सकेगा।बीमारी की पहले से भविष्यवाणी: अंगों के डिजिटल ट्विन से भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का अनुमान लगाया जा सकेगा।बॉक्स - 2पहली ही तय होगा सर्जरी का तरीकाडिजिटल ट्विन तकनीक डॉक्टरों को वह दूरदृष्टि दे सकती है, जिससे वे सर्जरी शुरू करने से पहले ही उसके परिणाम देख सकते हैं। यह तकनीक न केवल सर्जरी को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में होने वाली गलतियों और जटिलताओं को भी न्यूनतम स्तर पर ले आएगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


