क्षेत्रीय दलों के खजाने में 51 प्रतिशत गिरावट, खर्च 20 फीसदी बढ़ा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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देश की सियासत में सक्रिय क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय वित्त वर्ष 2024-25 में 51.57 प्रतिशत घट गई है। इसके बावजूद, इनका खर्च आय से अधिक रहा है। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, 36 दलों ने अपनी आय से 20 प्रतिशत अधिक खर्च किया है। 31 दलों ने समय पर अपनी ऑडिट रिपोर्ट नहीं दी है।

क्षेत्रीय दलों के खजाने में 51 प्रतिशत गिरावट, खर्च 20 फीसदी बढ़ा

नई दिल्ली, एजेंसी। देश की सियासत में सक्रिय क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय आधे से अधिक घट गई है। इसके बावजूद उनका खर्चा आय से अधिक रहा। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 36 क्षेत्रीय दलों के ऑडिट से पता चला कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में इनकी आय वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले 51.57 प्रतिशत गिर गई। वहीं, उनका कुल खर्च वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले 20 प्रतिशत बढ़ गया। खास बात यह रही कि इनमें से 21 दलों ने अपनी घोषित कमाई से अधिक खर्च किया है। एडीआर की यह रिपोर्ट 27 मई को जारी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, एडीआर ने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध 36 दलों के ऑडिट खातों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के अनुसार, इन 36 क्षेत्रीय पार्टियों की कुल आय वित्त वर्ष 2024-25 में 1,192.94 करोड़ रुपये रही। यह वित्त वर्ष 2023-24 के 2,463.17 करोड़ रुपये से 1,270.23 करोड़ रुपये कम रही। इस तरह एक साल में इन दलों की आय में 51.57 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, इन पार्टियों द्वारा घोषित कुल खर्च 1,433.07 करोड़ रुपये रहा, जो कुल आय से 240.12 करोड़ रुपये या लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषण की गई पार्टियों में से शीर्ष पांच पार्टियों की कुल आय में लगभग 69 प्रतिशत और कुल खर्च में 77 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी थी.

शिवसेना, डीएमके, एनसीपी ने नहीं दी रिपोर्ट

एडीआर के अनुसार, देश में 67 क्षेत्रीय राजनीतिक दल मान्यता प्राप्त हैं। चुनाव आयोग की ओर से इन दलों को अपनी ऑडिट रिपोर्ट 31 अक्तूबर 2025 तक जमा कराने को कहा गया था। लेकिन 31 दलों ने यह समयसीमा बीतने के 207 दिन बाद (27 मई 2026 तक) भी अपनी ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं कराई है। इनमें डीएमके, शिवसेना, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे बड़े दल भी शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ 15 दलों ने अपनी रिपोर्ट समय पर जमा की थी, जबकि 21 दलों ने दो से 96 दिन की देरी की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्षेत्रीय दलों की आय में कितनी गिरावट आई है?
क्षेत्रीय दलों की आय वित्तीय वर्ष 2024-25 में 51.57 प्रतिशत गिर गई है।
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