डीयू में एक हजार से अधिक प्रश्न-पत्रों की परीक्षा में फिर अव्यवस्था

Dec 19, 2025 08:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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एसईसी पाठ्यक्रम के एक प्रश्नपत्र में क्रेडिट, अंक और समय को लेकर गंभीर चूक पाई गई

डीयू में एक हजार से अधिक प्रश्न-पत्रों की परीक्षा में फिर अव्यवस्था

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान रिकॉर्ड संख्या में प्रश्नपत्रों की परीक्षा आयोजित की गई। इस दिन नियमित और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के कुल 2 लाख 14 हजार 95 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 1 हजार 74 प्रश्नपत्रों की परीक्षा कराई गई। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर परीक्षा संचालन के बीच कई केंद्रों पर अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आईं। कहीं प्रश्नपत्र देर से पहुंचे, कहीं केवल अंग्रेजी में प्रश्नपत्र मिले, तो कहीं गलत या कम संख्या में प्रश्नपत्र पहुंचने से छात्रों और परीक्षा केंद्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इन समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

छात्रों का आरोप है कि अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत एसईसी पाठ्यक्रम के एक प्रश्नपत्र में गंभीर चूक सामने आई। नियमों के अनुसार यह प्रश्नपत्र एक क्रेडिट का होना था, जिसके लिए 30 अंक और एक घंटे की अवधि निर्धारित है, लेकिन प्रश्नपत्र पर दो घंटे और 60 अंक अंकित थे। इससे परीक्षा कक्षों में भ्रम की स्थिति बनी और छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ा। इसके अलावा कई परीक्षा केंद्रों पर 15 से 20 मिनट की देरी से प्रश्नपत्र मिलने की शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। छात्रों का कहना है कि यह स्थिति अब नई नहीं रही और हर परीक्षा में इसी तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। भाषा संबंधी त्रुटियों, गलत प्रश्नों और अस्पष्ट मार्किंग स्कीम को लेकर भी छात्रों ने आपत्ति जताई। एबीवीपी ने इन अव्यवस्थाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी दिल्ली प्रांत के मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है, लेकिन लगातार हो रही परीक्षा संबंधी लापरवाहियां उसकी साख को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर प्रश्नपत्र न मिलना और मूल्यांकन को लेकर अस्पष्टता प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाती है। सुबह की पाली में सवा लाख छात्र पहुंचे शुक्रवार को आयोजित परीक्षाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो सुबह 9:30 बजे की पाली में कुल 1 लाख 28 हजार 502 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें नियमित स्नातक के 81 हजार 617 छात्र, एसओएल से स्नातक के 46 हजार 548 और एसओएल से ही स्नातकोत्तर के 337 छात्र शामिल थे। दोपहर 2:30 बजे की पाली में कुल 85 हजार 593 छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित की गई, जिनमें नियमित स्नातक के 50 हजार 23, एसओएल से स्नातक के 34 हजार 980 और स्नातकोत्तर के 590 छात्र शामिल रहे। बढ़ी संख्या संभालने में हो रही दिक्कत पूरे दिन के आंकड़ों के अनुसार, नियमित श्रेणी से कुल 1 लाख 31 हजार 640 स्नातक छात्र परीक्षा में बैठे, जबकि एसओएल से 81 हजार 528 स्नातक छात्रों ने परीक्षा दी। स्नातकोत्तर स्तर पर एसओएल से कुल 927 छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। प्रश्नपत्रों की संख्या की बात करें तो सुबह की पाली में 986 और दोपहर की पाली में 88 प्रश्नपत्र आयोजित किए गए, जिससे कुल संख्या 1 हजार 74 तक पहुंच गई। परीक्षाओं का आयोजन अपने आप में चुनौतीपूर्ण दिल्ली विश्वविद्यालय के परीक्षा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाओं का आयोजन अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है। अधिकारी के अनुसार, यदि कुल प्रश्नपत्रों की संख्या के अनुपात में देखा जाए तो शिकायतों का प्रतिशत कम है, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय हर केंद्र पर सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। अधिकारी ने दावा किया कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी छात्र को अनावश्यक परेशानी न हो। हालांकि छात्रों और संगठनों का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार संभव नहीं है।

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