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कर्ज को एफडी या अन्य बचत योजना से नहीं जोड़ सकेंगे

कर्ज को एफडी या अन्य बचत योजना से नहीं जोड़ सकेंगे

संक्षेप:

आरबीआई के नए नियमों के तहत, बैंक अब कर्ज को किसी सावधि जमा या बचत खाते से लिंक नहीं कर सकेंगे। छोटे ऋणों के लिए ग्राहक की एफडी या अन्य सुरक्षा योजनाएं लिंक करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, ग्राहकों का डेटा केवल आवश्यकतानुसार ही लिया जा सकेगा।

Dec 11, 2025 09:18 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आरबीआई के नए नियमों के तहत बैंक कर्ज को किसी सावधि जमा यानी एफडी, बचत खाते या सुरक्षा योजना से लिंक नहीं कर सकते। बैंकों को लेकर शिकायत थी कि छोटे ऋण (माइक्रोफाइनेंस) जारी करते वक्त गारंटी के तौर पर ग्राहक की एफडी, खाते या अन्य सुरक्षा योजना को लिंक किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में जब तक ऋण पूरा अदा नहीं होता है या कोई किस्त जमा नहीं जाती है तो बैंक ग्राहक को एफडी तोड़ने की इजाजत नहीं देते। कई बार एफडी को कर्ज की अवधि तक ही लॉक रखा जाता है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि तीन लाख तक के ऋण माइक्रोफाइनेंस में आते हैं, जो उन्हीं परिवारों को दिए जा सकते हैं, जिनकी सालाना कमाई तीन लाख तक हो।

घर के पूरे खर्च और आय का आकलन बैंकों के लिए करना जरूरी है, लेकिन ऋण के बदले एफडी, खाते या किसी अन्य सुरक्षा को लिंक नहीं किया जा सकता। ------------------ जरूरत का डेटा ही ले सकेंगे बैंक कर्ज सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए नए सख्त नियम जारी किए गए हैं। नियमों में डेटा कलेक्शन से लेकर उसकी स्टोरेज, थर्ड-पार्टी शेयरिंग और सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स की रिपोर्टिंग तक के प्रावधान शामिल हैं। अब बैंक और उनके पार्टनर केवल जरूरत के आधार पर ही ग्राहक का डेटा लें सकेंगे, जिसके लिए ग्राहकों की स्पष्ट सहमति लेनी अनिवार्य होगी। ग्राहक के मोबाइल की फाइल, फोटो, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग आदि किसी भी संवेदनशील डेटा तक पहुंच नहीं होगी। कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन जैसी सुविधाओं का केवल एक बार उपयोग केवाईसी के लिए ही किया जा सकेगा। ग्राहकों को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी डेटा शेयरिंग को रोक सकें और पहले दी गई सहमति को वापस ले सकेंगे। ग्राहक बैंक/एलएसपी से अपना डेटा डिलीट करवाने की मांग कर सकें। किसी भी थर्ड-पार्टी के साथ ग्राहक की जानकारी साझा करने से पहले ग्राहक की स्पष्ट सहमति जरूरी होगी। -------------- ग्राहकों के हित में अनिवार्य नियम - बैंकों को दस्तावेज सत्यापित ई-मेल व एसएमएस पर देने होंगे। - धनराशि ऐप या एजेंट नहीं सीधे ग्राहक के खाते में जाएगी। - समय से पहले बिना जुर्माने कर्ज चुकाने का अवसर देना होगा। - रिकवरी एजेंट की जानकारी ग्राहक को पहले से भेजनी होगी। - कोई तीसरी पार्टी पैसे के लेनदेन को नियंत्रित नहीं कर सकती।

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