
ऋण सस्ता होने से उद्योग क्षेत्र को रफ्तार मिलेगी
उद्योग जगत ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का स्वागत किया है। फिक्की के अध्यक्ष ने कहा कि इससे कर्ज की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों का विस्तार होगा और नई नौकरियां पैदा होंगी। यह कदम घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करेगा और उपभोक्ताओं के लिए भी राहत लाएगा।
नई दिल्ली, एजेंसी। उद्योग जगत ने भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्ज की लागत कम होगी तथा वृद्धि को और मजबूती मिलेगी। उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह संतुलित नीतिगत राहत ऋण लेने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देगी, उद्योग और उपभोक्ताओं के लिए ऋण की लागत को कम करेगी और वर्तमान वृद्धि गति को और सशक्त बनाएगी। आज की मौद्रिक नीति यह स्पष्ट और आश्वस्त करने वाला संदेश देती है कि वैश्विक चुनौतियों भरे माहौल में भी भारत की वृद्धि यात्रा को सुरक्षित रखने तथा आर्थिक विस्तार को समर्थन देने के लिए सभी नीतिगत उपकरण सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल मिंडा ने कहा कि इस कटौती से कर्ज की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों का विस्तार होगा, नई नौकरियां पैदा होंगी। गाड़ियों और उपभोक्ता सामान की मांग बढ़ेगी तथा मकान बनाने वालों को सस्ता कर्ज मिलेगा, जिससे घर खरीदारों की किस्तें कम होंगी और बिना बिका माल घटेगा। भारतीय निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि कर्ज लेने की लागत में कमी भारतीय निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण समय पर आई है, क्योंकि वे वैश्विक मांग में अस्थिरता और कच्चे माल की लागत में उतार-चढ़ाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती से निर्यातकों के लिए ऋण की लागत कम होगी, जिससे वे कार्यशील पूंजी, तकनीकी उन्नयन और अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रयासों में अधिक स्वतंत्रता से निवेश कर पाएंगे। बॉक्स.. छोटे उद्योगों को अधिक फायदा होगा रेपो दर में कटौती से कर्ज की लागत कम होने, आवास मांग बढ़ने और एमएसएमई (सूक्ष्, लघु एवं मझोले उद्यम) को समर्थन मिलने की उम्मीद है। इंडियन ओवरसीज बैंक के एमडी एवं सीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ये उपाय घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करेंगे और वित्तीय पहुंच को बढ़ाएंगे। इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ बिनोद कुमार ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की खरीद और डॉलर की तीन वर्षीय खरीद/बिक्री अदला-बदली से बैंकिंग प्रणाली में नकदी में और सुधार होगा। खुदरा ग्राहक और एमएसएमई अधिक किफायती ऋण की उम्मीद कर सकते हैं। बॉक्स.. वाहन क्षेत्र को भी राहत पहुंचेगी वाहन उद्योग संगठन सियाम ने शुक्रवार को कहा कि ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती के फैसले और हाल में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाये जाने से वाहन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं के लिए वाहन कर्ज सस्ता होंगे और उनकी खरीद क्षमता बढ़ेगी। सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि शुक्रवार को घोषित 0.25 प्रतिशत की दर कटौती तथा पहले की गई रेपो दर में कमी, देश में उपभोक्ता धारणा को प्रोत्साहित करने वाले अनुकूल मौद्रिक माहौल को और मजबूत करती है। चंद्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित आयकर राहत उपायों और जीएसटी सुधारों के साथ यह कदम ग्राहकों की खरीद क्षमता को और बढ़ाएगा।

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