Monday, January 24, 2022
हमें फॉलो करें :

मल्टीमीडिया

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीदिल्ली हवाईअड्डे पर 90 मिनट की जगह दो से ढाई घंटे में मिल रही रैपिड पीसीआर रिपोर्ट

दिल्ली हवाईअड्डे पर 90 मिनट की जगह दो से ढाई घंटे में मिल रही रैपिड पीसीआर रिपोर्ट

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Thu, 02 Dec 2021 06:00 PM
दिल्ली हवाईअड्डे पर 90 मिनट की जगह दो से ढाई घंटे में मिल रही रैपिड पीसीआर रिपोर्ट

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

दिल्ली हवाईअड्डे पर कोरोना संक्रमण के नए स्वरूप ओमीक्रोन के चलते जांच को लेकर लागू नए दिशा-निर्देश के दूसरे दिन भी यात्रियों की परेशानी जारी रही। यात्रियों के मुताबिक 90 मिनट की जगह रैपिड पीसीआर जांच रिपोर्ट दो से ढाई घंटे में मिल रही है। सुबह 9 बजे हवाईअड्डे पहुंचने वाले यात्री दोपहर तीन बजे जांच और सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाहर निकल पा रहे हैं। जांच के लिए लग रही लाइनों में सामाजिक दूरी के नियम भी टूट रहे हैं। घंटों इंतजार करने से बच्चों, बुजुर्ग और महिलाओं को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

दिल्ली हवाईअड्डा टर्मिनल 3 के अंतरराष्ट्रीय आगमन गेट के बाहर गुरुवार सुबह लोगों की भीड़ लगी थी। उच्च जोखिम श्रेणी के देशों से आने वाले यात्रियों के परिजन यहां इंतजार करते मिले। कुछ लोगों को जांच रिपोर्ट में लगने वाले समय का अंदाजा नहीं था और वह सुबह जल्दी ही एयरपोर्ट आ गए और फिर घंटों अपनों का इंतजार करते रहे। गेट पर बड़ी संख्या में सिविल डिफेंसकर्मी और सीआईएसएफ कर्मी तैनात दिखे।

बच्चे की भी जांच

जसविंदर सिंह के मुताबिक सुबह 11 बजे उनका विमान दिल्ली हवाईअड्डे पर उतरा। उनके साथ पत्नी और बच्चे थे। उनका कहना था कि उनके 10 वर्ष की बेटी की भी रैपिड पीसीआर जांच की गई। 45 से 90 मिनट के बीच उनकी जांच रिपोर्ट आनी चाहिए। लेकिन, उन्हें रिपोर्ट ढाई घंटे में मिली। जांच कराने के लिए भी उन्हें एक घंटे इंतजार करना पड़ा। इन सब के बाद दोपहर करीब ढाई बजे वह हवाईअड्डा परिसर से किसी तरह बाहर निकल पाए। अब उन्हें अमृतसर जाना हैं। उन्हें चिंता है कि आगे का रास्ता कैसे तय होगा। साथ में छोटे बच्चे हैं, अमृतसर पहुंचते-पहुंचते उन्हें काफी रात हो जाएगी।

पंजीकरण में देरी

लंदन से आए राहुल के मुताबिक पंजीकरण के लिए काउंटर पर अधिक समय लग रहा था। दो कंप्यूटर लगे थे, जो कई बार तकनीकी दिक्कतों से नहीं चल रहे थे। उनका कहना था कि हवाईअड्डा प्रशासन ने कर्मचारी तो तैनात किए हैं। लेकिन, भीड़ अधिक है। लाइन में लगने, जांच के लिए जाने और जांच के बाद इंतजार करते हुए सामाजिक दूरी के नियम बनाए रखने में परेशानी होती है। प्रशासन को जांच काउंटर की संख्या बढ़ानी चाहिए।

यात्री बोले

---

जांच के लिए अधिक समय लगा। छोटे बच्चों के साथ घंटों इंतजार करने में काफी परेशानी हुई। रैपिड पीसीआर के लिए 3500 रुपये खर्च करने के बाद भी पांच घंटे एयरपोर्ट में बैठे रहे।

- मंजू

हवाईअड्डे पर काफी भीड़ है। लोग लाइनों में एक-दूसरे से बेहद करीब खड़े रहते हैं। सामाजिक दूरी के नियमों को बनाए रखना मुशकिल हो रहा था। प्रशासन को चाहिए की जांच काउंटर की संख्या बढ़ाए।

- नवदीप

एहतियात

---

आवाजाही के लिए अलग रास्ता

-

दिल्ली हवाईअड्डे पर जोखिम श्रेणी के देशों से आने वाले यात्रियों की आवाजाही के लिए अलग रास्ता बनाया गया था। उतरने के बाद एयरोब्रिज से ही उन्हें अलग रास्ते से पहले पंजीकरण और फिर जांच के नमूने के लिए ले जाया जा रहा है। जांच के बाद बैठने के लिए अतिरिक्त सीट लगाई गई हैं। सीटों में सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया है। आरटीपीसीआर जांच के 500 रुपये और रैपिड पीसीआर के 3500 रुपये लिए जा रहे थे। वहीं, उच्च जोखिम श्रेणी में आने वाले देशों के अलावा अन्य स्थानों से आने वाले करीब दो से पांच फीसदी लोगों की रैंडम जांच की जा रही है।

epaper

संबंधित खबरें