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ऑपरेशन सिंदूर में डीआरडीओ के हथियारों की निर्णायक भूमिका: राजनाथ

ऑपरेशन सिंदूर में डीआरडीओ के हथियारों की निर्णायक भूमिका: राजनाथ

संक्षेप:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में डीआरडीओ द्वारा निर्मित हथियारों की भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया है। उन्होंने डीआरडीओ से तकनीकी नवाचार और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।

Jan 01, 2026 07:34 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा निर्मित हथियारों की भूमिका निर्णायक थी। डीआरडीओ मुख्यालय में गुरुवार को 68वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डीआरडीओ ने सशस्त्र बलों को आधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस कर भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने का काम किया। ऑपरेशन के दौरान डीआरडीओ के उपकरणों ने निर्बाध रूप से काम किया जिससे सैनिकों का मनोबल बढ़ा। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि डीआरडीओ 'सुदर्शन चक्र' प्रणाली के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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इस पहल के तहत डीआरडीओ को अगले एक दशक में देश के महत्वपूर्ण प्रतष्ठिानों की पूर्ण हवाई सुरक्षा सुनश्चिति करने के लिए वायु रक्षा प्रणाली से सुसज्जित करने की जम्मिेदारी दी गई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायु रक्षा प्रणाली के महत्व को हमने देखा है। मुझे वश्विास है कि डीआरडीओ इस लक्ष्य को जल्द हासिल करेगा। मजबूत तंत्र का निर्माण हुआ रक्षा मंत्री ने निजी क्षेत्र के साथ डीआरडीओ के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योग, शिक्षा जगत, और स्टार्टअप के साथ बढ़ती सहभागिता से एक मजबूत रक्षा पारस्थितिकि तंत्र का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने अपनी प्रणालियों, प्रक्रियाओं और कार्यशैली में निरंतर सुधार किया है। खरीद प्रक्रिया से लेकर परियोजना प्रबंधन तक, उद्योग के साथ जुड़ाव से लेकर स्टार्ट-अप के साथ सहयोग तक, कार्य को सरल, तेज और अधिक वश्विसनीय बनाने के स्पष्ट प्रयास दिखाई देते हैं। तकनीक के साथ चलना होगा रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ से कहा वे तेजी से विकसित हो रही तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े। उन्होंने संगठन से नवाचार पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान करने की अपील की। अगली पीढ़ी की तकनीकों के क्षेत्र में डीआरडीओ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रगति से न केवल देश की क्षमताएं बढ़ेंगी, बल्कि रक्षा तंत्र भी सशक्त होगा।