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रेलवे चेयरपर्सन ने वंदे भारत में ‘कवच परीक्षण का निरीक्षण किया

पलवल-वृदावन के बीच किया निरीक्षण, ‘कवच ट्रायल सफल उत्तर मध्य और उत्तर रेलवे के...

रेलवे चेयरपर्सन ने वंदे भारत में ‘कवच परीक्षण का निरीक्षण किया
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीTue, 14 May 2024 07:45 PM
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पलवल-वृदावन के बीच किया निरीक्षण, ‘कवच ट्रायल सफल
उत्तर मध्य और उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

नई दिल्ली, एजेंसी। रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन और सीईओ जया वर्मा सिन्हा ने मंगलवार को पलवल और वृदावन के बीच वंदे भारत ट्रेन में सुरक्षा प्रणाली ‘कवच के ट्रायल का निरीक्षण किया। सिन्हा को लाल सिग्नल, लूप लाइनों और अन्य गति प्रतिबंध बिंदुओं पर कवच कार्य प्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। इस दौरान ट्रायल सफल रहा। आगरा रेलवे डिवीजन, पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड चेयरपर्सन के साथ उत्तर मध्य और उत्तर रेलवे के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली आठ-कार सेट वंदे भारत में कवच परीक्षण का निरीक्षण किया। उप मुख्य सिग्नल और दूरसंचार इंजीनियर कुश गुप्ता की समग्र देखरेख में किया गया परीक्षण सफल रहा। क्योंकि ट्रेन कवच की मदद से लाल सिग्नल पर अपने आप रुक गई।

उन्होंने आगे कहा, ट्रेन ने लोको पायलट के हस्तक्षेप के बिना कवच की मदद से सभी गति प्रतिबंधों का पालन किया। परीक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों ने कहा कि सिन्हा कवच के सफल कामकाज से बेहद प्रभावित थीं, जिसने सभी मापदंडों का कुशलतापूर्वक पालन किया।

चेयरपर्सन सिन्हा अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ मंगलवार सुबह 9:15 बजे पलवल स्टेशन से वंदे भारत में चढ़ीं। ट्रेन सुबह 9:38 बजे शोलाका स्टेशन पहुंची और अगले स्टेशन होडल में प्रवेश करने से पहले इसे लाल सिग्नल पर रुकना था। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने पर, कवच प्रणाली ने लाल सिग्नल को पढ़ा और लगभग 1,300 मीटर की दूरी से स्वचालित रूप से ब्रेक लगा दिया। यह सिग्नल से सिर्फ 9 मीटर पहले रुका और चेयरपर्सन सहित सभी ने संतोष व्यक्त किया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन ने सभी स्थायी गति प्रतिबंधों का पालन किया और कवच प्रणाली की मदद से और लोको पायलट के किसी भी मैन्युअल हस्तक्षेप के बिना जहां आवश्यक हो वहां धीमी गति से चली। ट्रेन सुबह 10:45 बजे वृन्दावन पहुंची। श्रीवास्तव ने कहा, चेयरपर्सन ने वृन्दावन स्टेशन पर लगे कवच सिस्टम का भी निरीक्षण किया। वापसी यात्रा वृन्दावन से सुबह 11:10 बजे शुरू हुई और दोपहर 12:30 बजे पलवल पहुंची।

सभी वंदे भारत ट्रेनों में ‘कवच प्रणाली लगी हुई है, जो किसी भी कारण से लोको पायलट के विफल होने पर अपने आप ब्रेक लगा सकती है। चेयरपर्सन के निरीक्षण से पहले, कुश गुप्ता की देखरेख में आगरा मंडल ने अन्य मेल, एक्सप्रेस के साथ-साथ वंदे भारत ट्रेनों के लिए 140 किमी प्रति घंटे और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तीन कवच परीक्षण सफलतापूर्वक किए।

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