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 लोकसभा में फिर नहीं बोल पाए राहुल गांधी, स्पीकर के साथ बैठक के बाद भी नहीं बनी बात

लोकसभा में फिर नहीं बोल पाए राहुल गांधी, स्पीकर के साथ बैठक के बाद भी नहीं बनी बात

संक्षेप:

लोकसभा में फिर नहीं बोल पाए राहुल गांधी, स्पीकर के साथ बैठक के बाद भी नहीं बनी बात----------------------------पीठासीन सभापित ने कहा कि केवल बजट पर ही हो सकती है बात-राहुल व रिजीजू में नोंकझोंक, सदन...

Feb 09, 2026 05:23 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लोकसभा में फिर नहीं बोल पाए राहुल गांधी, स्पीकर के साथ बैठक के बाद भी नहीं बनी बात--------------------------- -पीठासीन सभापित ने कहा कि केवल बजट पर ही हो सकती है बात -राहुल व रिजीजू में नोंकझोंक, सदन दिन भर के लिए स्थगित --------------------- नईदिल्ली। विशेष संवाददाता लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के बोलने के मुद्दे पर अभी भी टकराव जारी है। गतिरोध तोड़ने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नेता विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने की बात कही। इसके बाद राहुल गांधी सदन में खड़े भी हुए, लेकिन पीठासीन सभापति संध्या राय ने कहा उनको इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने भी कहा कि राहुल गांधी जो कह रहे हैं, वह शत प्रतिशत सही नहीं है। सदन को नहीं पता कि राहुल गांधी क्या बोलेंगे। लोकसभा में बजट सत्र की शुरुआत से ही सरकार व विपक्ष में तलवारें खिंची हुई हैं। सत्र के पहले चरण के अंतिम सप्ताह के पहले दिन इस गतिरोध को तोड़ने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने कक्ष में विपक्ष के नेताओं से बात भी की थी। इस दौरान जो बात हुई उसे लेकर ही सदन में मतभेद हो गया और पीठासीन सभापित ने राहुल गांधी को बोलने से रोक दिया। दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू हुई तो पीठासीन सभापति संध्या राय ने केंद्रीय बजट पर चर्चा की शुरुआत के लिए कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम पुकारा। थरूर ने उनसे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति मांगी। पीठासीन सभापति ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष बजट पर चर्चा में भाग लेना चाहते हैं तो वह अपनी बात रख सकते हैं। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि कुछ देर पहले लोकसभा अध्यक्ष के पास कक्ष में कांग्रेस के कुछ सदस्य गए थे। लोकसभा अध्यक्ष ने उनसे वादा किया था कि बजट पर चर्चा से पहले बोलने की अनुमति दी जाएगी। अध्यक्ष ने निजी तौर पर हमें भरोसा दिया कि बजट पर चर्चा के पहले मैं अपनी कुछ बात उठाऊंगा। अब आप उस आदेश से पीछे जा रही हैं। क्या मुझे बोलने दिया जाएगा? पीठासीन सभापति संध्या राय ने कहा कि उनके पास किसी तरह का नोटिस नहीं है और वर्तमान स्थिति में वह केवल बजट पर बोलने की अनुमति दे सकती हैं। इस पर राहुल गांधी, के सी वेणुगोपाल समेत कई नेताओं ने प्रतिवाद किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष की बैठक में वह भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने पहल की थी कि अगर सभी पक्ष मान जाएं तो सदन चलना चाहिए। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने जब बैठक में कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन में कुछ बोलना चाहते हैं तो लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब वह विषय बताएंगे, तब अनुमति दी जाएगी, इसलिए राहुल गांधी ने स्पीकर की ओर से वादा किए जाने की जो बात कही है वह शत-प्रतिशत सही नहीं है। रिजीजू ने कहा कि अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर वह नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर देंगे तो अन्य दलों के नेताओं को भी मौका देंगे और सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम सरकार की ओर से हमेशा तैयार हैं। आप ऐसा कुछ नहीं करें जिससे सदन की गरिमा गिरे। इसके बाद फिर से थरूर का नाम पुकारा गया तो उन्होंने फिर से नेता प्रतिपक्ष को ही पहले बोलने देने की अनुमति मांगी। राहुल गांधी को बजट से अतिरिक्त अन्य किसी विषय पर बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण बैठक कुछ मिनट बाद ही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले सुबह 11 बजे बैठक शुरू होने पर जब कांग्रेस के सदस्य सदन में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति मांगने लगे तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल में केवल प्रश्न पूछे जाते हैं और कभी किसी सदस्य को अन्य कोई विषय उठाने की अनुमति नहीं दी जाती। इस दौरान कांग्रेस के सांसदों ने आसन के पास आकर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने पांच मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। कार्यवाही 12 बजे दोबारा शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने बजट पर चर्चा के लिए पहले वक्ता के रूप में कांग्रेस सांसद थरूर का नाम पुकारा तो नेता प्रतिपक्ष ने सदन में अपनी बात रखने की इच्छा जाहिर की। पीठासीन सभापति ने कि उनके पास फिलहाल जो विधायी कार्य का ब्यौरा है, उसके मुताबिक बजट पर चर्चा होनी है। कांग्रेस के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने को अधिकार है। आसन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चाहें तो बजट पर बोल सकते हैं। इस पर हंगामा होने पर कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। -------------------------