वाराणसी के ध्यानार्थ : राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया बनारसी कारीगरों की उपेक्षा का आरोप

वाराणसी के ध्यानार्थ : राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया बनारसी कारीगरों की उपेक्षा का आरोप

संक्षेप:

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर बनारसी कारीगरों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल कपड़ा नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता और संस्कृति का हिस्सा है। बेरोजगारी की समस्या बढ़ रही है, और कारीगरों को अपना पारंपरिक काम छोड़कर मजदूरी करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

Dec 10, 2025 09:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को सरकार पर बनारसी कारीगरों की उपेक्षा का आरोप लगाया और सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे को उठाने की बात कही। उन्होंने पिछले दिनों बनारसी कारीगरों से बातचीत की थी, जिसका वीडियो बुध‌वार को सोशल मीडिया पर जारी किया। वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि मैंने मंगलवार को संसद में बनारसी साड़ियों की खूबसूरती, उसकी संस्कृति और इतिहास के बारे में बात की। सदियों से चली आ रही यह परंपरा केवल कपड़ा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, हमारे त्योहारों और हमारे उत्सवों की पहचान है। उनके धागों में ही हिन्दुस्तान की आत्मा गुथी हुई है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

बनारसी सिल्क साड़ियां और बनारसी कढ़ाई का नाम लेते ही भारत की समृद्ध कला आंखों में उतर आती है। राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिनों पहले जन संसद में बनारस के कढ़ाई कारीगर भाइयों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका दर्द वही है, जो भारत के करोड़ों छोटे कारीगरों, दस्तकारों और हुनरमंदों की आज की दास्तान है। खासकर तब जब खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वहां से सांसद हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकारी उपेक्षा के शिकार ये कारीगर अपना परंपरागत काम छोड़ कर मजदूरी करने, रिक्शा चलाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी बनारस की सबसे कड़वी सच्चाई बन चुकी है। खासकर युवाओं के लिए रोजगार के सारे अवसर खत्म हो गए हैं। मजबूरी में वो अपने शहर, अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों और शहरों में काम की तलाश में भटक रहे हैं। सरकार कुछ चंद पूंजीपतियों को बढ़ावा देकर बाजार पर उनका ही एकाधिकार तैयार कर रही है और छोटे कारीगरों का व्यापार, उनका अस्तित्व, दोनों खतरे में डाल रही है।