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डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई पर राज्य को फटकार

डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई पर राज्य को फटकार

संक्षेप:

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कोविड ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को ‘असंवेदनशील’ बताया, क्योंकि उसने आपातकालीन वार्ड में विधायक के आने पर खड़ा नहीं हुआ। अदालत ने डॉक्टर को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने और राज्य पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

Nov 22, 2025 08:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कोविड ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी डॉक्टर के खिलाफ केवल इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने पर निराशा जताई क्योंकि वह आपातकालीन वार्ड में विधायक के आने पर खड़ा नहीं हुआ था। अदालत ने कहा कि यह राज्य का ‘असंवेदनशील’ और ‘बेहद चिंताजनक’ रवैया दिखाता है। न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने कहा कि समर्पित चिकित्सीय पेशेवरों के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। अदालत ने हरियाणा के प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि डॉक्टर को 'स्नातकोत्तर चिकित्सीय पाठ्यक्रम' के लिए जरूरी 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) तुरंत जारी किया जाए। अदालत ने राज्य पर 50,000 रुपये का जुर्माना‘ लगाया और जुर्माने की राशि पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़’ के ‘गरीब मरीज कल्याण कोष’ में जमा करने को कहा।

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अदालत ने कहा कि किसी डॉक्टर से यह उम्मीद करना कि वह आपातकालीन वार्ड में विधायक के आने पर खड़ा हो और ऐसा न करने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना बेहद व्यथित करने वाला है। पीठ ने कहा कि हमारी नजर में इस तरह के आरोप पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करना राज्य की असंवेदनशीलता दिखाता है। उसने कहा कि डॉक्टर को एनओसी न देकर उसे उच्च शिक्षा के अधिकार से वंचित रखना पूरी तरह मनमाना है। यह था मामला याचिकाकर्ता डॉ. मनोज हरियाणा सरकार के ‘कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर’ थे और कोविड-19 महामारी के दौरान सरकारी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी पर थे। डॉक्टर की याचिका के अनुसार, अस्पताल का निरीक्षण करने आए एक विधायक इस बात से पर नाराज हो गए कि डॉक्टर ने उठकर उनका अभिवादन नहीं किया। इसके बाद राज्य सरकार ने डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। डॉ. मनोज ने अपने जवाब में कहा कि वह विधायक को पहचान नहीं पाए थे इसलिए वह खड़े नहीं हुए। डॉक्टर के अनुसार, आज तक इस मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया।