महंगी बाइक खरीदने पर पैन बताना होगा
आयकर नियमों के नए मसौदे में बैंकों में नकद लेन-देन, गाड़ी और संपत्ति खरीदने, और होटल बिल भुगतान के लिए पैन की आवश्यकता की सीमाएं बढ़ाई जा रही हैं। वाहन खरीदने पर 5 लाख रुपये, नकद लेन-देन पर 10 लाख रुपये, और होटल बिल पर 1 लाख रुपये की नई सीमा प्रस्तावित की गई है।

नई दिल्ली, एजेंसी। आयकर नियम के मसौदे में बैंकों में नकद जमा/निकासी, गाड़ी और संपत्ति खरीदने और होटल बिल भुगतान के लिए पैन का उल्लेख करने को लेकर लेन-देन सीमा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित आयकर नियम, 2026 के अनुसार, वाहन (मोटर साइकिल सहित) खरीदने के मामले में, अगर कीमत पांच लाख रुपये से ज्यादा है, तो खरीदार को अपना पैन बताना होगा। मौजूदा आयकर नियम, 1962 में दोपहिया वाहन खरीदने के लिए पैन बताने का नियम नहीं है, जबकि मोटर वाहनों के लिए कीमत चाहे जो भी हो, इसकी जानकारी देना जरूरी था। किसी व्यक्ति के एक या ज्यादा खातों में, एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा करने या निकालने के लिए स्थायी खाता संख्या (पैन) बताना जरूरी होगा।
अभी, किसी बैंक, कंपनी या सहकारी बैंक में किसी भी एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा नकद जमा करने पर पैन जरूरी है। होटल/रेस्तरां बिल, सम्मेलन केंद्र या बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट में लगे किसी व्यक्ति को किए गए भुगतान के मामले में, अगर भुगतान एक लाख रुपये से ज्यादा है, तो पैन जरूरी होगा। मौजूदा आयकर नियमों के मुताबिक, होटल/रेस्तरां बिल के मामले में पैन बताने के लिए 50,000 रुपये की सीमा तय है। किसी भी अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री या गिफ्ट या संयुक्त विकास समझौते के मामले में, अगर सौदा लागत 20 लाख रुपये से ज्यादा है, तो पैन जरूरी होगा, जबकि अभी यह सीमा 10 लाख रुपये है।
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