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चांद बाग और आचार्य निकेतन से शुरू हुआ सम्पति सर्वे

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

पूर्वी दिल्ली की दस लाख से अधिक संपत्तियों को टैक्स दायरे में लाने के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसमें पहले एक अनधिकृत कॉलोनी चांद बाग तथा दूसरी नियमित अनधिकृत कॉलोनी आचार्य निकेतन को लिया गया है। पायलट प्रोग्राम के तौर पर एक-एक हजार संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है।

पूर्वी दिल्ली में 64 वार्ड हैं और सर्वे का काम वार्ड के हिसाब से ही किया जाएगा। जब तक एक वार्ड का सर्वे पूरा नहीं हो जाएगा तब तक दूसरे वार्ड में काम शुरू नहीं किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए हाउस टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सर्वे कर रही कंपनी डाटा वर्ल्ड को इस काम के लिए गीता कॉलोनी हाउस टैक्स कार्यालय में अपना सेटअप करने के लिए स्थान दिया गया है। सर्वे टीम में करीब 100 लोगों को रखा गया है। करीब 12 लाख से अधिक संपत्तियों का सर्वे किया जाना है। हाउस टैक्स विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संपत्तियों की संख्या बढ़कर 15 लाख तक पहुंच सकती है। इस कारण यह सर्वे दो साल की बजाय तीन साल में पूरा होने की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि सर्वे की जांच तीन स्तरीय कमेटी करेगी। इसमें नोडल अफसर के साथ यूपीआईसी सेल तथा डाटा सेल के अधिकारी शामिल होंगे। जिन संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा उनके मालिकों को ई पासबुक दी जाएगी ताकि उनके हाउस टैक्स जमा किए जाने का पूरा रिकॉर्ड उनके पास रहे।

पार्षदों ने रोष जताया : इस संपत्ति सर्वे को लेकर कई पार्षदों ने रोष जताया है। उनका कहना है कि यह काम निगमायुक्त की मनमर्जी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि तंगी की हालत से गुजर रही पूर्वी निगम सर्वे करने वाली कंपनी को एक संपत्ति का 408 रुपये देगी। 12 लाख संपत्तियों पर यह करीब 48 करोड़ रुपये से ऊपर बनता है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि सर्वे के नाम पर इस योजना में घोटाला होने की आशंका बनी हुई है।

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  • Web Title:properity survey start from chand bagh and achrya niketan