खेल : प्रिंस : फिट रहने के लिए रेत की बोरी लादकर खेतों में दौड़ते थे

Apr 07, 2026 07:15 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लखनऊ सुपर जायंट्स के 22 वर्षीय तेज गेंदबाज प्रिंस 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर बल्लेबाजों में खौफ पैदा कर रहे हैं। 18 साल तक टेनिस बॉल से खेलते हुए, प्रिंस ने कड़ी मेहनत से अपनी फिटनेस सुधारकर आईपीएल में सफलता पाई है। उनके कोच अमित वशिष्ठ और प्रदीप सांगवान ने उन्हें मार्गदर्शन दिया।

खेल : प्रिंस : फिट रहने के लिए रेत की बोरी लादकर खेतों में दौड़ते थे

शोल्डर : लखनऊ सुपर जायंट्स का तेज गेंदबाज 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर बल्लेबाजों में पैदा कर रहा खौफ, 18 साल तक टेनिस बॉल से करता था गेंदबाजी नई दिल्ली। लखनऊ सपुर जायंट्स के 22 वर्षीय तेज गेंदबाज प्रिंस 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने से चर्चा में हैं। वह अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों में खौफ पैदा कर रहे हैं। इसके लिए दिल्ली के नजफगढ़ के इस खिलाड़ी ने कड़ी मेहनत की है जो अब रंग ला रही है। शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रिंस अपनी पीठ पर रेत की बोरी बांधकर धान के खेतों में दौड़ते थे।प्रिंस

आईपीएल में अक्षर पटेल और ईशान किशन जैसे अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के डिफेंस को भेदने में सफल रहा है। उनके कोच अमित वशिष्ठ कहते हैं वह यॉर्कर गेंदें फेंक सकता था। टेनिस बॉल को भी अच्छी गति से स्विंग करा सकता था। जब मैंने उसे देखा तो मैंने उसके दोस्तों से कहा कि वे उसे मुझसे मिलने के लिए कहें। वह पहले से ही 18 साल का था और उसके पास अपनी काबिलियत साबित करने के लिए बहुत कम समय था। उसकी कड़ी मेहनत करने की क्षमता ही उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। वह कड़ी मेहनत करने से पीछे नहीं हटा। वह दिल्ली की भीषण गर्मी में भी दो घंटे गेंदबाजी कर सकता है। वह जहीर खान और भरत अरुण से भी टिप्स ले चुका है। अब उसकी सफलता की कोई सीमा नहीं है।कांस्टबेल की परीक्षा छोड़ी : इस युवा क्रिकेटर को खुद पर भरोसा था। उन्होंने अपने पिता रामनिवास यादव से सीधे शब्दों में कह दिया, आप मेरी चिंता करना छोड़ दो। मैं अपने से कुछ कर लूंगा। रेलवे सुरक्षा बल के सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई) रामनिवास ने कहा, कोई भी पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होगा और मैं भी था। 18 साल की उम्र तक उसने चमड़े की गेंद से एक बार भी गेंदबाजी नहीं की थी। मैंने उसे दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर किया। वह शारीरिक रूप से फिट था, लेकिन लिखित परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं था क्योंकि उसका ध्यान कहीं और था। बेटे की जिद है और हमें पूरा करना था। एक एएसआई के वेतन में कितना ही गुजारा हो पाता है। लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने उसे अपनी इच्छा पूरी करने दी। प्रिंस के शानदार प्रदर्शन के बाद अब नजफगढ़ के खेड़ा डाबर गांव से भी लोग उनके घर पर बधाई देने के लिए आने लगे हैं।कोच ने फिटनेस सुधारी : राम निवास के अनुसार प्रिंस के पहले और अब तक के एकमात्र कोच अमित वशिष्ठ और भारत के अंडर-19 विश्व कप विजेता तेज गेंदबाज प्रदीप सांगवान ने उनके खेल में निखार लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, मैं अमित सर का जितना भी शुक्रिया अदा करूं, कम है। उन्होंने प्रिंस को टेनिस टूर्नामेंट खेलते हुए देखा और उसे नजफगढ़ स्थित अपनी अकादमी से जुड़ने के लिए कहा। सांगवान भी अमित के शिष्य थे और उन्होंने प्रिंस को फिटनेस में मदद की। प्रदीप ने उसका बहुत मार्गदर्शन किया और अमित सर ने उसके खेल में सुधार किया। उन्होंने कहा, पहले हमारे इस इलाके को लोग इसलिए जानते थे क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति साहिबा (प्रतिभा पाटिल) चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक संस्थान का उद्घाटन करने (2012 में) यहां आई थी। अब हमारा इलाका क्रिकेट के लिए फेमस हो गया है।----------------------नंबर गेम-7.71 की इकोनॉमी से चार सर्वाधिक विकेट लखनऊ के लिए ले चुके हैं प्रिंस-21 डॉट गेंदें फेंकी ने प्रिस ने अब तक सात ओवर में और सातवें नंबर पर हैं-------------------------

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