महिला दिवस: महिलाएं सशक्त हैं, दूसरों से कमतर नहीं होतीं: मुर्मु

Mar 08, 2026 06:16 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की ताकत और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने समानता की आवश्यकता और महिलाओं की शिक्षा, सम्मान, और अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 'शक्ति वॉक-शी लीड्स भारत' कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं की सराहना की।

महिला दिवस: महिलाएं सशक्त हैं, दूसरों से कमतर नहीं होतीं: मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महिलाओं की ताकत और उपलब्धियों की रविवार को सराहना करते हुए उन्हें उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराने के लिए प्रोत्साहित किया। मुर्मु ने कहा, ‘हम किसी से कमतर नहीं हैं।’ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह अवसर न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने का है, बल्कि उनके सशक्तीकरण के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को भी दोहराने का है। मुर्मु ने शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, सशस्त्र बलों, चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला, उद्यमिता और खेल में महिलाओं की अग्रणी भूमिकाओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और ग्राम विकास में नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। वहीं महिलाएं रोजगार, स्टार्टअप और कॉरपोरेट में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, अवसर और समर्थन मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।‘महिलाओं में दम है, हम किसी से कम नहीं। हममें भी दम है।’मुर्मु ने कहा, ‘महिलाओं में दम है, हम किसी से कम नहीं। हममें भी दम है।’ राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि कई उपलब्धियां हासिल की गई हैं, फिर भी समाज में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने में कई बाधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा, इन चुनौतियों का समाधान केवल कानून से नहीं हो सकता। हमें अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता को घर में बेटियों और बेटों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सास को अपनी बेटियों और पुत्रवधू के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा, सच्ची समानता की शुरुआत हर महिला को बेटी के रूप में मान्यता देने से होती है, चाहे परिवार में उसकी भूमिका कुछ भी हो।‘शक्ति वॉक-शी लीड्सभारत’राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के अंतर्गत रविवार को आयोजित ‘शक्ति वॉक-शी लीड्सभारत’ के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को बधाई दी। मुर्मु ने इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली देशभर की महिलाओं के समर्पण की भी सराहना की। साथ ही, भारत की प्रगति और देशभर में महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर किया।महिलाओं पर सरकार की पहलों को सराहाराष्ट्रपति ने संतोष व्यक्त किया कि भारत सरकार ने महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मिशन शक्ति और विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) समेत विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, जिनमें महिला-केंद्रित प्रावधान शामिल हैं।संकल्प लेने का आह्वानराष्ट्रपति मुर्मु ने नागरिकों से प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सम्मान और अवसर प्रदान करने का संकल्प लेने, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने और समाज में भेदभाव के सभी रूपों को समाप्त करने का प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ऐसा करके हम दुनिया के सामने महिला सशक्तीकरण का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर सकते हैं।

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