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सार्वजनिक परिवहन से डेढ़ गुना ज्यादा जुड़े दिल्ली के पॉश इलाके

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी के अनियोजित तरीके से बसे हिस्सों की तुलना में...

सार्वजनिक परिवहन से डेढ़ गुना ज्यादा जुड़े दिल्ली के पॉश इलाके
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीTue, 03 Aug 2021 05:50 PM
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नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता

राजधानी के अनियोजित तरीके से बसे हिस्सों की तुलना में पॉश इलाकों में सार्वजनिक सुविधाओं की पहुंच डेढ़ गुना ज्यादा है। यहां पर स्कूल, बाजार, सड़क और एटीएम जैसी सुविधाएं भी ज्यादा हैं। विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने अपने हालिया अध्ययन में इसका खुलासा किया है।

सीएसई ने दिल्ली की 16 कॉलोनियों के सर्वे के आधार पर यहां मौजूद मूलभूत सुविधाओं को लेकर निष्कर्ष निकाले हैं। इसके मुताबिक, पॉश इलाकों में केवल बसावट ही नियोजित नहीं है बल्कि यहां पर सार्वजनिक सुविधाओँ की पहुंच भी ज्यादा है। यहां पर मेट्रो स्टेशन और बस स्टाप भी अनियोजित इलाकों की तुलना में ज्यादा हैं। इस वजह से अनियोजित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन भी डेढ़ से साढ़े तीन गुना तक महंगा पड़ता है।

अध्ययन के अनुसार, अनियोजित इलाकों की तुलना में नियोजित इलाकों में 2.8 गुना तक सुविधाएं ज्यादा हैं। यहां पर अनियोजित इलाकों से 1.6 गुना ज्यादा सड़क की जगह है और 1.4 गुना ज्यादा क्वालिटेटिव स्पेस (अन्य गतिविधियों के लिए जगह) है।

16 कॉलोनियों का सर्वे किया :

संस्था ने अलग-अलग स्थिति वाली 16 कॉलोनियों का सर्वे किया है। इसमें तुगलकाबाद एक्सटेंशन, टीगड़ी एक्सटेंशन, गोविंदपुरी, कालकाजी, खानपुर, पूठकलां, खेड़की एक्सटेंशन, गढ़ी, जमरूदपुर, जवाहरलाल नेहरू कैंप कालकाजी, शाहपुर जाट, तुगलकाबाद गांव जैसे अनियोजित इलाके शामिल हैं। वहीं, ईस्ट ऑफ कैलाश, कैलाश कॉलोनी, ग्रेटर कैलाश और चितरंजन पार्क जैसे पॉश इलाके भी शामिल हैं।

सार्वजनिक परिवहन बढ़ाने की जरूरत :

दिल्ली मास्टर प्लान-2041 के मुताबिक, तब कक दिल्ली की जनसंख्या मुख्यतः प्रवासियों के चलते तीन करोड़ हो सकती है। इसके चलत यातायात की जरूरत भी कई गुना ज्यादा बढ़ जाएंगी। सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता राय चौधरी के मुताबिक, दिल्ली के सभी इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि, अगर आबादी के बढ़ने के मुताबिक सार्वजनिक परिवहन में इजाफा नहीं हुआ तो दिल्ली को प्रदूषण के शिकंजे से बचाना संभव नहीं हो सकेगा।

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