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22 नवंबर, 2020|9:26|IST

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तीस फीसदी उद्योगों से निकलने वाला पानी खतरनाक

नई दिल्ली प्रमुख संवाददातादिल्ली से तीस फीसदी उद्योगों के सीईटीपी से निकलने वाला पानी खतरनाक है। दिल्ली पाल्यूशन कंट्रोल कमेटी(डीपीसीसी) ने अप्रैल से सितंबर तक रेंडम सैंपल लिए। इसमे खुलासा हुआ कि उद्योगों के पानी को साफ करने के लिए लगाए गई सीईटीपी से निकलने वाला पानी भी खराब है। इसी तरह दिल्ली जल बोर्ड के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के भी 25 फीसदी सैंपल फेल हो गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बजट आउटकम बैठक में इस मुद्दे पर डीपीसीसी की खिंचाई की और कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय करने को कहा। दिल्ली सरकार में इस समय बजट के छह माह बाद बजट आउटकम बैठक हो रही है। पहली बैठक मंगलवार सुबह पर्यावरण, वन और खाद्य आपूर्ति को लेकर की गई। इसमे डीपीसीसी की छह माह की रिपोर्ट में पता चला की जल बोर्ड के एसटीपी की रैंडम जांच में 25 फीसदी सैंपल फेल हो गए हैं। उद्योगों के लिए तीस फीसदी सैंपल फेल हैं। इन पर अंतिम कार्रवाई की कोई जानकारी डीपीसीसी के पास नहीं थी। केवल नोटिस जारी किए गए थे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि डीपीपीसी की जिम्मेदारी है कि प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई हो। केवल नोटिस जारी करने से काम नहीं होगा। -367 रैंडम सैंपल लिए गए जल बोर्ड के एसटीपी से -25 फीसदी एसटीपी के सैंपल हुए फेल-156 सैंपल लिए गए उद्योगों के सीईटीपी से-30 फीसदी सैंपल हो गए हैं उद्योगों के फेल-562 ईटीपी के सैंपल लिए डीपीसीसी ने-20 फीसदी इनमे से हुए फेलकेवल नोटिस जारी किए गएइस वर्ष अप्रैल से सितंबर तक डीपीसीसी ने पानी, वायु और पर्यावरण उल्लंघन के मामले में 640 नोटिस जारी किए हैं। प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए 128 उद्योगों को बंद करने का नोटिस जारी किया गया। डीपीसीसी के पास इसकी जानकारी नहीं है कि इममे से कितनों को बंद कर दिया गया। डीपीसीसी ने केवल केवल सैंपलिंग और नोटिस जारी करने का काम किया, लेकिन प्रदूषण को रोकने के लिए अंतिम कारर्वाई की जानकारी डीपीसीसी के पास नहीं थी।

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  • Web Title:pollution Thirty per cent of the industry's water is dangerous